संविधान अंगीकार दिवस पर सीएमओ का प्रेरक आह्वान: निष्ठा, ईमानदारी और स्वदेशी को अपनाकर बनाएं देश को आत्मनिर्भर
लखीमपुर खीरी।
संविधान अंगीकार दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में गुरुवार को एक प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने स्वास्थ्य कर्मियों को संविधान के मूल्यों के प्रति जागरूक करते हुए राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि “देश के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह अपने कार्य को निष्ठा, ईमानदारी और लगन के साथ पूरा करे। यही हमारे संविधान और हमारे राष्ट्र के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।”
संविधान की प्रस्तावना और मूल विचारों पर विशेष चर्चा
कार्यक्रम के दौरान सीएमओ ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कराया और उसके मूल सिद्धांत—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संविधान सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की आत्मा है, जो नागरिकों को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का बोध भी कराता है।
डॉ. गुप्ता ने जोर देकर कहा कि “हम तभी सच्चे अर्थों में संवैधानिक नागरिक बनते हैं, जब हम अपने कर्तव्यों का पूर्ण निष्ठा से पालन करते हैं।”

मुख्यमंत्री के उद्बोधन का सजीव प्रसारण भी देखा
इस अवसर पर स्वास्थ्य कर्मियों ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन के उद्बोधन का सीधा प्रसारण भी देखा। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में संवैधानिक मूल्यों को व्यवहार में उतारने और राष्ट्रीय कर्तव्यों के सही निर्वहन की आवश्यकता पर बल दिया।
सीएमओ ने मुख्यमंत्री के संदेश का समर्थन करते हुए कहा कि यह प्रेरणा हम सभी के लिए मार्गदर्शक है।
“स्वास्थ्य सेवा ही सच्ची राष्ट्र सेवा” — सीएमओ
डॉ. संतोष गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा—
“जब आप कोई मरीज ठीक करते हैं, किसी मां–बच्चे की जान बचाते हैं, किसी गांव में बीमारी फैलने से रोकते हैं… यह सिर्फ ड्यूटी नहीं, बल्कि सच्ची राष्ट्र सेवा होती है। स्वास्थ्य कर्मियों की निष्ठा ही समाज को सुरक्षित बनाती है।”
उन्होंने चिकित्सा कर्मियों से आग्रह किया कि वे संवैधानिक मूल्यों को अपने दैनिक कार्यों में उतारें—मरीजों के प्रति समान व्यवहार, सेवा में पारदर्शिता, समयबद्धता और भावनात्मक संवेदनशीलता स्वास्थ्य सेवा की पहचान होनी चाहिए।
स्वदेशी अपनाकर आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम बढ़ाने का आह्वान
देश को आत्मनिर्भर बनाने के संदर्भ में सीएमओ ने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि “यदि हम स्थानीय उत्पादों को अपनाते हैं तो न केवल देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि भारतीय कौशल और उद्योग को भी नया जीवन मिलेगा।”
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मियों से कहा कि वे अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
व्यापक सहभागिता, उत्साह से भरा माहौल
कार्यक्रम में एसीएमओ डॉ. एस. पी. मिश्रा, एसीएमओ डॉ. आर. एम. गुप्ता, अन्य मेडिकल अधिकारी, पैरामेडिकल स्टाफ और कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभागार में संविधान के प्रति सम्मान, जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना स्पष्ट दिखाई दी।
कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह प्रेरणादायक रहा, जहाँ देशभक्ति और संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति समर्पण का संदेश प्रमुखता से गूंजता रहा।
निष्कर्ष
संविधान अंगीकार दिवस का यह आयोजन स्वास्थ्य विभाग के लिए केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक अवसर था अपनी जिम्मेदारियों का पुनर्मूल्यांकन करने का।
सीएमओ द्वारा दिया गया संदेश—निष्ठा, ईमानदारी और स्वदेशी अपनाकर देश को आत्मनिर्भर बनाना—निश्चित ही सभी कर्मियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा।
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