December 1, 2025

सीडीओ के औचक निरीक्षण से बेहजम में हड़कंप, बीडीओ कार्यालय से लेकर सीएचसी तक मिली गंभीर अव्यवस्थाएँ

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सीडीओ के औचक निरीक्षण से बेहजम में हड़कंप, बीडीओ कार्यालय से लेकर सीएचसी तक मिली गंभीर अव्यवस्थाएँ
लखीमपुर खीरी, 28 नवंबर

बेहजम क्षेत्र में शुक्रवार सुबह अचानक हुए सीडीओ अभिषेक कुमार के औचक निरीक्षण ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया। बिना किसी पूर्व सूचना के बीडीओ कार्यालय से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तक किए गए निरीक्षण में ऐसी कमियाँ सामने आईं, जिन पर सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के साथ-साथ कई स्थानों पर जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार भी लगाई गई।


बीडीओ दफ्तर में अव्यवस्था और अधूरे कार्य उजागर

सीडीओ जब अचानक बीडीओ बेहजम कार्यालय पहुँचे, तो अधिकांश कर्मचारी व अधिकारी मौजूद मिले, जबकि कई कर्मियों की अनुपस्थिति पर यह बताया गया कि वे ड्यूटी रोस्टर के अनुसार अन्य विकास खंडों में तैनात हैं। सीडीओ ने इस जानकारी की पुष्टि जिओ-टैग फोटो के माध्यम से की।
निरीक्षण में पाया गया कि:

  • मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजनाओं के रिकॉर्ड अधूरे पड़े थे।

  • जॉब कार्ड की प्रगति बेहद धीमी थी।

  • समूह गठन (NRLM) की स्थिति अपेक्षित स्तर से काफी कमजोर मिली।

  • NRLM कार्यालय की छत जर्जर हालत में थी, जिस पर उन्होंने तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा।

बीडीओ परिसर के सभागार में स्पीकर तो लगा था, लेकिन माइक नहीं, जिसे सीडीओ ने स्पष्ट रूप से “गंभीर लापरवाही” बताया। वहीं परिसर में बने पुराने कुएँ के जीर्णोद्धार का काम भी अधूरा मिला। इन सभी खामियों पर जेई सुरेंद्र कुमार और ग्राम विकास विभाग को कड़ी फटकार लगाते हुए समयबद्ध रूप से सभी कार्य पूरे करने का निर्देश दिया गया।


सीएचसी बेहजम में प्रसूता और नवजात देखभाल में मिली चौंकाने वाली लापरवाही

निरीक्षण के दौरान सीडीओ सीएचसी बेहजम पहुँचे, जहाँ स्थिति और भी चिंताजनक मिली। उन्होंने रजिस्ट्रेशन कक्ष, लेबर रूम, वैक्सीन स्टोर और दवाओं की उपलब्धता की गहराई से जांच की।

लेबर रूम में साफ-सफाई, व्यवस्था और सुरक्षा प्रोटोकॉल की स्थिति देखकर उनका पारा चढ़ गया। सबसे गंभीर लापरवाही तब सामने आई, जब यह पाया गया कि—

  • डिलीवरी के केवल 6 घंटे बाद ही मां और नवजात को डिस्चार्ज कर दिया गया था।

  • नवजात को जीरो डोज टीकाकरण तक नहीं दिया गया था।

सीडीओ ने इसे बेहद गंभीर लापरवाही बताते हुए एमओआईसी डॉ. अनिल कुमार वर्मा को सख्त निर्देश दिए कि भविष्य में प्रसूता और नवजात को कम से कम 48 घंटे अस्पताल में रखकर देखभाल सुनिश्चित की जाए। साथ ही साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं में तुरंत सुधार लाने के आदेश दिए।


कड़े निर्देश और स्पष्ट चेतावनी

सीडीओ अभिषेक कुमार ने पूरे निरीक्षण के दौरान मिली खामियों पर संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि—

“विकास और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल अस्वीकार्य है। समय सीमा के भीतर सुधार न होने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों से निर्धारित समय में सुधार रिपोर्ट पेश करने को कहा।

निरीक्षण के दौरान पीडी डीआरडीए सोमनाथ चौरसिया, बीडीओ बेहजम शरद कुमार सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

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