December 1, 2025

खीरी में उत्साह, उल्लास और उमंग के साथ मना संविधान दिवस कलेक्ट्रेट में हुआ भव्य आयोजन, बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी हुए शामिल

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खीरी में उत्साह, उल्लास और उमंग के साथ मना संविधान दिवस कलेक्ट्रेट में हुआ भव्य आयोजन, बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी हुए शामिल
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की लाइव स्ट्रीमिंग, ‘उद्देशिका’ का सामूहिक पाठन

लखीमपुर खीरी, 26 नवंबर।
जिले भर में आज संविधान दिवस बड़े ही उत्साह, उल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल की अध्यक्षता में संविधान की आत्मा ‘उद्देशिका’ का सामूहिक पाठन हुआ। इस विशेष अवसर पर एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, एसओसी संजय आनंद, डीएसओ अंजनी कुमार सिंह, प्रशासनिक अधिकारी सुरेश वर्मा समेत बड़ी संख्या में जिला स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी और कार्मिक मौजूद रहे। अटल सभागार देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और संवैधानिक मूल्यों के प्रति समर्पण के भाव से सराबोर दिखा।

डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण – संविधान निर्माताओं के प्रति कृतज्ञता का भाव

कार्यक्रम की शुरुआत संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन के साथ हुई। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह और अन्य अधिकारियों के साथ बाबा साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान संविधान की रचना और उसके महत्व पर भी चर्चा की गई।

सीएम के लखनऊ स्थित कार्यक्रम की लाइव स्ट्रीमिंग

संविधान दिवस पर राजधानी लखनऊ में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को अटल सभागार में मौजूद सभी अधिकारियों-कर्मचारियों ने लाइव देखा और सुना। सीएम द्वारा संविधान के महत्व, नागरिक कर्तव्यों और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के संदेश ने उपस्थित जनसमूह को प्रेरित किया।

“संविधान हमारे देश की आत्मा” – डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल

संविधान दिवस के अवसर पर डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा—
“हमारा संविधान न केवल देश का सर्वोच्च विधिक दस्तावेज है, बल्कि यह भारत की लोकतांत्रिक भावना, समानता, न्याय और स्वतंत्रता की ताकत है। 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ, पर 26 नवंबर 1949 वह ऐतिहासिक दिन है जब संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और स्वीकृत किया गया। यह दिन हमें संविधान की मूल भावना और हमारे कर्तव्यों की याद दिलाता है।”

डीएम ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों से अपील की कि वे संविधान के आदर्शों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—का पालन करने का संकल्प लें और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें।

“लोकतंत्र का प्राण हमारे संविधान में”—एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह

एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा—
“भारत का लोकतंत्र दुनिया का सबसे प्राचीन और मजबूत लोकतंत्र माना जाता है। हमारे संविधान की ताकत ही हमें एक राष्ट्र के रूप में अखंड और सशक्त बनाती है। संविधान निर्माताओं ने विभिन्न देशों के संविधान का अध्ययन कर भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक संरचना को ध्यान में रखते हुए यह महान दस्तावेज तैयार किया है। यह हमारे राष्ट्र की आत्मा और मार्गदर्शक शक्ति है।”

कार्यक्रम में उमड़ा उत्साह, दिखी जिम्मेदारी का भाव

कार्यक्रम में मौजूद सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने संविधान की उद्देशिका का पाठ कर राष्ट्रहित में अपने कर्तव्यों का पालन करने का संकल्प दोहराया। अटल सभागार में उपस्थित जनसमूह संविधान के आदर्शों में आस्था, गर्व और एकजुटता के साथ भरा नजर आया।

संविधान दिवस का यह आयोजन न केवल संवैधानिक जागरूकता का संदेश देता है, बल्कि देश के हर नागरिक को लोकतंत्र की रक्षा और कर्तव्यपरायणता की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा भी प्रदान करता है।

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