December 1, 2025

“गुजरात में आईएसआईएस मॉड्यूल का पर्दाफाश: तीन आतंकी गिरफ्तार, लखीमपुर खीरी कनेक्शन से मचा हड़कंप”

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यह खबर गांधीनगर (गुजरात) से जुड़ी है, जहां आईएसआईएस (ISIS) से जुड़े तीन आतंकियों की गिरफ्तारी ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। गुजरात एटीएस ने गुप्त सूचना के आधार पर इन आतंकियों को गिरफ्तार किया, जो देश में बड़े हमले की साजिश रच रहे थे। इनके पास से आधुनिक पिस्टलें, विस्फोटक पदार्थ और केमिकल बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, ये आतंकी गुजरात में रहकर एक बड़े आतंकी हमले की योजना बना रहे थे और इसके लिए स्थानीय स्तर पर नेटवर्क भी तैयार कर रहे थे।

गिरफ्तार किए गए तीनों आतंकियों की पहचान अहमद मोहियुद्दीन सैयद उर्फ अब्दुल खादर जिलानी, मोहम्मद सुहैब पुत्र मोहम्मद सुल्तान और आजाद पुत्र सुलेमान सैफी के रूप में हुई है। ये सभी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जबकि लंबे समय से गुजरात में सक्रिय थे। एटीएस को उनके पास से दो लॉन्ग पिस्टल, एक देसी कट्टा, 30 जिंदा कारतूस और 44 लीटर केमिकल पदार्थ मिला है।

जांच एजेंसियों का कहना है कि ये तीनों आईएसआईएस के ऑनलाइन नेटवर्क के संपर्क में थे और सोशल मीडिया के जरिए विदेशी हैंडलर्स से संपर्क रखते थे। इनके मोबाइल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आतंकी हमले की साजिश रच रहा था।

इसी बीच, इस मामले में लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश) का कनेक्शन सामने आया है। गुजरात में गिरफ्तार आतंकियों में से एक आरोपी का संबंध खीरी जिले से जुड़ा पाया गया है। जैसे ही यह खबर जिले में पहुंची, पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। खीरी पुलिस ने तुरंत आरोपी के परिवार, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी पहले गुजरात में एक कंपनी में काम करता था, लेकिन धीरे-धीरे उसका संपर्क आतंकी संगठनों से जुड़ गया।

खीरी के एसपी ने बताया कि स्थानीय पुलिस टीम लगातार आरोपी के गांव और उसके संपर्कों की निगरानी कर रही है। सीओ स्तर के अधिकारी गांव पहुंचे और लोगों से पूछताछ की। परिवार से यह भी जानकारी ली जा रही है कि आरोपी पिछले कई महीनों से कहां-कहां गया था और किन लोगों के संपर्क में था।

एटीएस सूत्रों के अनुसार, तीनों आरोपी आईएसआईएस से ऑनलाइन ब्रेनवॉशिंग के शिकार हुए थे। इन्हें धर्म के नाम पर कट्टरता की ओर मोड़ा गया और देश के खिलाफ हिंसक कार्रवाई के लिए उकसाया गया। इनमें से एक आरोपी ने गुजरात में रहकर अपने साथियों के साथ रसायनिक विस्फोटक तैयार करने की ट्रेनिंग भी ली थी।

गुजरात एटीएस के डीजीपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह गिरोह देश में धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक कार्यक्रमों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाने की योजना बना रहा था। उन्होंने कहा, “समय रहते हमने इन आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया, नहीं तो बड़ी त्रासदी हो सकती थी।”

इस पूरे मामले के बाद केंद्र और राज्य की खुफिया एजेंसियों ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है। लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरनगर और मेरठ में सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हैं। पुलिस ने साइबर टीम को भी अलर्ट पर रखा है ताकि इन आतंकियों से जुड़े संभावित डिजिटल लिंक या संपर्कों का पता लगाया जा सके।

🔸 मुख्य बिंदु:

  • गिरफ्तार आतंकियों के पास से हथियार और विस्फोटक बरामद।

  • आईएसआईएस से जुड़े होने की पुष्टि।

  • गुजरात और उत्तर प्रदेश में बड़ा नेटवर्क फैलाने की साजिश।

  • लखीमपुर खीरी के युवक की गिरफ्तारी से हड़कंप।

  • एटीएस और स्थानीय पुलिस दोनों कर रही हैं संयुक्त जांच।

यह घटना न केवल गुजरात बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर चुकी है। खुफिया सूत्रों का कहना है कि अब जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन आतंकियों के संपर्क में और कौन-कौन था और क्या किसी बाहरी संगठन से आर्थिक मदद भी मिल रही थी।

👉 गुजरात एटीएस की यह कार्रवाई देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिसने संभावित बड़े आतंकी हमले को रोकने में अहम भूमिका निभाई है।

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