खीरी में ‘स्व-गणना’ का शंखनाद : डीएम-सीडीओ से लेकर विधायकों तक ने मोबाइल से भरा ऑनलाइन प्रपत्र
Vivek Gupta May 8, 2026 0
खीरी में ‘स्व-गणना’ का शंखनाद : डीएम-सीडीओ से लेकर विधायकों तक ने मोबाइल से भरा ऑनलाइन प्रपत्र
लखीमपुर खीरी जिले में देश की पहली डिजिटल जनगणना को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। सात मई से शुरू हुए ‘स्व-गणना’ अभियान ने जिलेभर में जनभागीदारी की नई तस्वीर पेश की है। कलेक्ट्रेट से लेकर गांव की चौपाल और स्कूलों से लेकर ब्लॉक कार्यालयों तक हर जगह “अपनी जनगणना, खुद करें” का संदेश गूंजता नजर आया। प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने खुद मोबाइल के जरिए ऑनलाइन प्रपत्र भरकर आम जनता को इस राष्ट्रीय अभियान से जुड़ने का संदेश दिया।
इस अभियान की शुरुआत जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार, एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम (न्यायिक) सहित कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने ऑनलाइन स्व-गणना प्रपत्र भरकर की। विधायक योगेश वर्मा, लोकेंद्र प्रताप सिंह और सौरभ सिंह सोनू समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी इस डिजिटल पहल में भाग लेकर लोगों को प्रेरित किया।

“अपनी जनगणना, खुद करें” बना जनआंदोलन
जिले में यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम बनकर नहीं रह गया, बल्कि इसे जनआंदोलन का रूप देने की तैयारी की गई है। प्रशासन ने “जनभागीदारी से जनगणना” की रणनीति अपनाते हुए स्कूलों, गांवों और शहरी क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है।
नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में बच्चों ने रैलियां निकालकर लोगों को डिजिटल जनगणना के प्रति जागरूक किया। हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां, पोस्टर और नारों के जरिए बच्चों ने लोगों को ऑनलाइन स्व-गणना करने के लिए प्रेरित किया। कई विद्यालयों में प्रतियोगिताओं और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला।

डीएम बोले — सही आंकड़े ही विकास की मजबूत नींव
जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि सात मई से शुरू हुआ स्व-गणना चरण नागरिकों को अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करने का अवसर देता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इंटरनेट के माध्यम से पोर्टल पर जाकर सही और प्रमाणिक जानकारी भरें।
डीएम ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि देश की विकास योजनाओं की बुनियाद है। सरकार की योजनाएं, संसाधनों का वितरण और विकास की दिशा काफी हद तक जनगणना के आंकड़ों पर निर्भर करती है। यदि आंकड़े सही और सटीक होंगे, तभी योजनाएं भी प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंच सकेंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल जनगणना से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक होगी। लोगों को अब घर बैठे मोबाइल या इंटरनेट के जरिए अपनी जानकारी दर्ज करने का मौका मिल रहा है।

सीडीओ ने भी खुद भरा ऑनलाइन प्रपत्र
मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार ने स्वयं पोर्टल पर जाकर अपनी स्व-गणना पूरी की और जिलेवासियों से भी समय रहते प्रपत्र भरने की अपील की। उन्होंने कहा कि सटीक आंकड़े किसी भी जिले के विकास की आधारशिला होते हैं। यदि लोग इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करेंगे, तो आने वाले समय में योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंच सकेगा।

34 सवालों के जवाब देकर पूरी होगी प्रक्रिया
एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि स्व-गणना के प्रथम चरण में मकान गणना एवं सूचीकरण किया जाएगा। पोर्टल पर मकान और उसमें उपलब्ध सुविधाओं से जुड़े कुल 34 प्रश्न पूछे जाएंगे। इन सवालों के जवाब देकर कोई भी नागरिक अपनी स्व-गणना प्रक्रिया पूरी कर सकता है।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन प्रपत्र फाइनल सबमिट होने के बाद एक यूनिक आईडी जनरेट होगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा। यही आईडी आगे सत्यापन के दौरान काम आएगी।
22 मई से शुरू होगा सत्यापन अभियान
प्रशासन के अनुसार 22 मई से 22 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर विवरण का सत्यापन करेंगे। नागरिक अपनी जनरेटेड यूनिक आईडी दिखाकर डाटा की पुष्टि करा सकेंगे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे 15 दिवसीय इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और इसे सफल बनाएं।

जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर दिखा उत्साह
डिजिटल जनगणना-2027 के तहत चल रहे इस अभियान को लेकर जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर के कार्यालयों में भी खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी स्वयं आगे आकर अपनी पारिवारिक एवं आवासीय जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर रहे हैं।
जिला प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने कार्यालयों में कर्मचारियों को स्व-गणना के लिए प्रेरित करें। प्रशासन का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करें, ताकि जनगणना की प्रक्रिया पारदर्शी और सटीक बन सके।
लखीमपुर खीरी में शुरू हुआ यह डिजिटल अभियान अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। प्रशासन को उम्मीद है कि जिले की सक्रिय भागीदारी देश की पहली डिजिटल जनगणना को ऐतिहासिक सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।