अटल सभागार में गूंजा बेटियों की शिक्षा और सम्मान का संदेश
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ समारोह में प्रतिभाशाली बेटियों और मातृशक्ति को किया गया सम्मानित
लखीमपुर खीरी। जनपद के अटल सभागार में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह का आयोजन उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में बेटियों को शिक्षित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के साथ समाज में महिलाओं के सम्मान को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाशाली बेटियों और मातृशक्ति को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य महिला योग सदस्य श्रीमती सुजीता कुमारी मौजूद रहीं। कार्यक्रम ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ भाजपा प्रकोष्ठ की बहन कीर्ति शुक्ला के नेतृत्व में आयोजित किया गया। समारोह में मौजूद लोगों ने बेटियों को समाज की ताकत और राष्ट्र के भविष्य की आधारशिला बताते हुए उनके अधिकारों और अवसरों को लेकर जागरूकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत बेटियों की उपलब्धियों और समाज में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए हुई। वक्ताओं ने कहा कि बदलते भारत में बेटियां हर क्षेत्र में सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। शिक्षा से लेकर खेल, चिकित्सा, प्रशासन, विज्ञान, तकनीक, व्यवसाय और सामाजिक सेवा तक बेटियों ने अपनी क्षमता साबित की है। इसलिए समाज को उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास करना चाहिए।
मुख्य अतिथि श्रीमती सुजीता कुमारी ने कहा कि “सशक्त बेटी—समृद्ध समाज, शिक्षित बेटी—विकसित राष्ट्र” केवल एक नारा नहीं, बल्कि समाज के विकास का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि जिस समाज में बेटियों को शिक्षा और सम्मान मिलता है, वह समाज अधिक मजबूत और प्रगतिशील बनता है।
उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा को लेकर परिवारों की सोच में सकारात्मक बदलाव आया है, लेकिन अभी भी जागरूकता के प्रयासों को लगातार आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। प्रत्येक बेटी को अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शिक्षा के साथ कौशल और आत्मविश्वास भी जरूरी है।
समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली बेटियों को सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाली बेटियों में उत्साह और खुशी देखने को मिली। अतिथियों ने उन्हें सम्मान प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी बेटी की उपलब्धि केवल उसके परिवार की उपलब्धि नहीं होती, बल्कि वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा बनती है।

इसके साथ ही समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली मातृशक्ति को भी सम्मानित किया गया। महिला शक्ति के योगदान को रेखांकित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि महिलाएं समाज के निर्माण और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। एक मां अपने बच्चों को संस्कार और दिशा देने के साथ परिवार की नींव मजबूत करती है। वहीं आज की महिलाएं सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं।
कार्यक्रम में बेटियों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि बेटियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना परिवार, समाज और प्रशासन सभी की साझा जिम्मेदारी है। इसके लिए जागरूकता के साथ-साथ बेटियों को अपने अधिकारों और सुरक्षा संबंधी उपायों की जानकारी देना भी जरूरी है।
आयोजक कीर्ति शुक्ला ने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियान समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षा, सम्मान और अवसर देकर ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। उन्होंने कार्यक्रम में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
समारोह में भाजपा जिलाध्यक्ष श्री अरविंद गुप्ता, विधायक श्रीमती मंजू त्यागी, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष श्रीमती मंजुलता श्रीवास्तव, ब्लॉक प्रमुख श्रीमती दिव्या सिंह एवं ग्राम प्रधान श्रीमती अनुश्री जायसवाल सहित अनेक गणमान्यजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं और बेटियों ने भी आयोजन की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए समाज की सोच में निरंतर सकारात्मक बदलाव आवश्यक है। बेटी को बोझ नहीं, बल्कि परिवार और राष्ट्र की शक्ति के रूप में देखने की जरूरत है।
अंत में उपस्थित लोगों ने बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया। समारोह ने यह संदेश दिया कि यदि बेटियों को सही अवसर और प्रोत्साहन दिया जाए तो वे न केवल अपने परिवार का नाम रोशन कर सकती हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। अटल सभागार में आयोजित यह कार्यक्रम बेटियों के सम्मान और महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रेरणादायक पहल के रूप में सामने आया।