December 1, 2025

खीरी में 481 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ, गूंजी खुशियों की शहनाई,सामूहिक विवाह महोत्सव बना यादगार

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खीरी में 481 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ, गूंजी खुशियों की शहनाई,सामूहिक विवाह महोत्सव बना यादगार — पगड़ी पहने पहुंचे अधिकारी-जनप्रतिनिधि, आशीर्वाद से महका मंडप
डीएस कॉलेज ग्राउंड में 391 और निघासन में 90 बेटियों का हुआ विवाह

लखीमपुर खीरी, 25 नवंबर।
खीरी में मंगलवार का दिन खुशियों, उमंग और सामाजिक सद्भाव का अनोखा संगम लेकर आया। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आज पूरे जिले में 481 जोड़ों ने एक ही मंच से जीवनसाथी के रूप में एक-दूसरे का हाथ थाम लिया। DS कॉलेज ग्राउंड में जहाँ 391 जोड़ों ने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार सात फेरे लिए, वहीं अनेक जोड़ों ने निकाह पढ़कर अपने रिश्ते को नई शुरुआत दी। इनके अलावा निघासन के वरदान पैलेस में 90 बेटियों की शादी संपन्न हुई। पूरा माहौल खुशियों, शहनाई और भावनाओं से भर गया।

पगड़ी पहने पहुंचे अधिकारी और जनप्रतिनिधि – परंपरा और सम्मान का अद्भुत संगम

कार्यक्रम का सबसे दिल छू लेने वाला दृश्य तब सामने आया, जब मंच पर जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल, विधायक योगेश वर्मा, विधायक मंजू त्यागी, विधायक विनोद शंकर अवस्थी, सीडीओ अभिषेक कुमार और एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह पारंपरिक पगड़ी बांधे पहुंचे। यह दृश्य परंपरा, सम्मान और सामाजिक मेलजोल की भावना का सुंदर प्रतीक बन गया।

अधिकारी और जनप्रतिनिधि सभी जोड़ों के पास गए, उनका नाम जाना, उनकी खुशी में शामिल हुए और उन्हें ढेरों आशीर्वाद दिया। सरकार द्वारा दिए जाने वाले उपहार और प्रमाणपत्र भी सौंपे गए। मंच से लेकर मंडप तक हर कहीं खुशियों का रंग बिखरा था।

डीएम ने उपहारों और भोजन की गुणवत्ता की स्वयं की जांच

डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने अफसरों की टीम के साथ प्रत्येक जोड़े को दिए जाने वाले उपहारों—फर्नीचर, कॉस्ट्यूम, किचन किट, फोल्डिंग बेड, बर्तन स्टैंड आदि—की एक-एक सामग्री का निरीक्षण किया। सभी वस्तुएं गुणवत्ता के अनुरूप मिलीं।
उन्होंने विवाह कार्यक्रम में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता भी चखी और व्यवस्थाओं की सराहना की।

गरीब परिवारों की बेटियों के लिए ‘वरदान’ है सामूहिक विवाह योजना : डीएम

अपने संबोधन में डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा—
“मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना वास्तव में गरीब परिवारों की बेटियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं। शासन द्वारा 60,000 रुपये की सहायता राशि सीधे कन्या के खाते में भेजी जा रही है, जिससे बेटियों का दांपत्य जीवन सम्मान और सुरक्षा के साथ शुरू हो सके।”

उन्होंने आगे कहा कि एक साथ इतने विवाहों का आयोजन किसी उत्सव से कम नहीं। यह वह अवसर है, जहां अधिकारी और जनप्रतिनिधि एक परिवार की तरह सभी नवयुगलों को आशीर्वाद देते हैं।

दहेज कुरीति पर जोरदार प्रहार : विधायक योगेश वर्मा

विधायक योगेश वर्मा ने कार्यक्रम को सामाजिक कुरीतियों पर निर्णायक प्रहार बताया। उन्होंने कहा—
“दहेज और बाल विवाह जैसी बुराइयों ने समाज को लंबे समय से कमजोर किया है। यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम उस सोच के खिलाफ एक मजबूत संदेश देता है और गरीब परिवारों के लिए नई उम्मीद बनता है।”

माताओं की चिंता दूर, सम्मान को नई ऊंचाई : विधायक मंजू त्यागी

विधायक मंजू त्यागी ने कहा कि इस योजना ने उन माताओं की चिंता दूर कर दी है, जो बेटी के विवाह के लिए आर्थिक परेशानियों से जूझती थीं।
उन्होंने कहा—
“मुख्यमंत्री ने बेटियों के विवाह से लेकर घर में शौचालय तक, हर कदम पर बेटियों के सम्मान और गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।”

डिस्प्ले बना आकर्षण – फोल्डिंग बेड और बर्तन स्टैंड ने बढ़ाई चमक

डीएस कॉलेज ग्राउंड में वर–वधु को मिलने वाली सामग्री का विशेष डिस्प्ले लगाया गया, जिसने हर किसी का ध्यान खींचा। सरकार द्वारा अनुमन्य सामग्री के साथ जिला प्रशासन की पहल पर दो फोल्डिंग बेड और एक बर्तन स्टैंड भी अतिरिक्त रूप से उपलब्ध कराया गया, जिससे खुशी और बढ़ गई।
अतिथियों और अधिकारियों ने इन सामग्री की गुणवत्ता का निरीक्षण कर कार्यक्रम की सराहना की।

विदाई में छलके आंसू — भावनाओं से भरी विदाई

सामूहिक विवाह कार्यक्रम का सबसे भावुक पल तब आया, जब विदाई का समय हुआ।
दुल्हनें अपने माता-पिता और परिवार को छोड़कर नए जीवन की ओर कदम बढ़ाते हुए आंसू रोक नहीं सकीं।
माता-पिता की आंखों में भी गर्व और दर्द का भाव एक साथ छलकता नजर आया।
सड़क तक विदाई के दौरान रिश्तों की गर्माहट और आशीर्वाद का सैलाब उमड़ पड़ा।


सामूहिक विवाह कार्यक्रम न सिर्फ सामाजिक समानता और सद्भाव का प्रतीक बना, बल्कि यह संदेश भी देता है कि समाज जब एकजुट होकर किसी परंपरा को आगे बढ़ाता है, तो वह न सिर्फ कुरीतियों को मिटाता है बल्कि बेटियों के भविष्य में नई रोशनी भी जगाता है।

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