December 1, 2025

बकायेदारों पर बिजली विभाग की सख्ती: ‘चटर-पटर रेस्टोरेंट’ का कनेक्शन काटा, अब जनरेटर से चल रहा कारोबार – लोगों को हो रही भारी दिक्कत

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बकायेदारों पर बिजली विभाग की सख्ती: ‘चटर-पटर रेस्टोरेंट’ का कनेक्शन काटा, अब जनरेटर से चल रहा कारोबार – लोगों को हो रही भारी दिक्कत

लखीमपुर खीरी, 05 नवंबर।
शहर में बिजली विभाग ने बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का सिलसिला तेज कर दिया है। इसी क्रम में मंगलवार को बस स्टॉप के सामने स्थित चर्चित ‘चटर-पटर रेस्टोरेंट’ का बिजली कनेक्शन बकाया बिल न चुकाने पर काट दिया गया। विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर न केवल कनेक्शन काटा, बल्कि संचालक को जल्द भुगतान करने की चेतावनी भी दी।

जानकारी के अनुसार, रेस्टोरेंट संचालक ने पिछले कई महीनों से बिजली का बिल जमा नहीं किया था। लगातार बकाया बढ़ते-बढ़ते अब यह रकम ₹90,000 से अधिक हो चुकी थी। विभाग की ओर से कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया, जिसके बाद बिजली विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आपूर्ति ठप कर दी।

विभागीय अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई चेतावनी के रूप में की गई है। जिन उपभोक्ताओं के बिल बकाया हैं, उन्हें भी तुरंत भुगतान करना चाहिए, अन्यथा उनके खिलाफ भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कनेक्शन काटे जाने के बाद रेस्टोरेंट संचालक ने रोड किनारे जनरेटर लगाकर किसी तरह कारोबार जारी रखा है, लेकिन इससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लगातार चल रहे जनरेटर से उठने वाले धुएं और तेज़ आवाज़ से आसपास के दुकानदारों और राहगीरों को दिक्कत हो रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस तरह खुले में जनरेटर चलाना पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक है। धुएं से प्रदूषण बढ़ रहा है और शोर से आसपास काम करने वाले लोगों को सिरदर्द, बेचैनी और नींद की समस्या हो रही है।

वहीं विशेषज्ञों ने बताया कि बिना विद्युत सुरक्षा निदेशालय (Electrical Safety Directorate) से अनुमति (NOC) लिए किसी भी जनरेटर का उपयोग वर्जित है। इस निदेशालय का कार्यालय पीलीभीत में स्थित है, जबकि इस क्षेत्र का संबंधित डिवीजन शाहजहांपुर के अधीन आता है। नियमों के मुताबिक, रेस्टोरेंट संचालक को जनरेटर चलाने से पहले अनुमति लेना आवश्यक है, जो उनके पास नहीं है।

जनपद के बिजली विभाग के अधिकारियों ने कहा कि

“बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।”

इस कार्रवाई के बाद शहर में हड़कंप मचा है। कई अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान जिन्होंने महीनों से बिल नहीं भरा, अब अपने बकाए चुकाने की तैयारी में जुट गए हैं।

सेठ घाट की रोशनी के बाद अब बिजली विभाग की सख्ती ने शहर में दो तस्वीरें पेश कीं — एक तरफ आस्था का उजाला, तो दूसरी तरफ नियम तोड़ने वालों के लिए चेतावनी का साया।

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