April 20, 2026

“नव निर्माण के नौ वर्ष” पर लखीमपुर खीरी में भव्य वृद्ध स्वास्थ्य संगोष्ठी, योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

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“नव निर्माण के नौ वर्ष” पर लखीमपुर खीरी में भव्य वृद्ध स्वास्थ्य संगोष्ठी, योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश सरकार के “नव निर्माण के नौ वर्ष” पूर्ण होने के अवसर पर जनपद लखीमपुर खीरी में एक महत्वपूर्ण और जागरूकता से परिपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में आयोजित इस वृद्ध स्वास्थ्य संगोष्ठी ने न केवल बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान केंद्रित किया, बल्कि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी आमजन तक पहुंचाई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष गुप्ता ने की। संगोष्ठी का उद्देश्य बुजुर्गों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना, उन्हें उपलब्ध सरकारी सुविधाओं से जोड़ना और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति उनकी पहुंच को और अधिक सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, आशा संगिनी, आशा कार्यकर्ता एवं अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे, जिससे आयोजन की गरिमा और भी बढ़ गई।

संगोष्ठी के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष गुप्ता ने अपने विस्तृत और जानकारीपूर्ण संबोधन में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार आमजन, विशेषकर बुजुर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इसी दिशा में कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

डॉ गुप्ता ने आयुष्मान भारत योजना और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के बारे में बताते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मुफ्त उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का भी उल्लेख करते हुए बताया कि यह योजना उन लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी है, जो अन्य योजनाओं के दायरे में नहीं आ पाते।

इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत चल रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी और बताया कि इस मिशन के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम और उपचार के प्रयासों को भी विस्तार से समझाया।

डॉ संतोष गुप्ता ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, जननी सुरक्षा योजना एवं जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से माताओं और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आई है।

संगोष्ठी में डिजिटल स्वास्थ्य के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया। डॉ गुप्ता ने आभा आईडी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह एक डिजिटल हेल्थ आईडी है, जिसके माध्यम से व्यक्ति की स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारी एक स्थान पर सुरक्षित रहती है। इससे इलाज की प्रक्रिया सरल और तेज हो जाती है और मरीज को बार-बार अपनी मेडिकल हिस्ट्री बताने की आवश्यकता नहीं होती।

उन्होंने कहा कि सरकार की इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक या सामाजिक कारणों से स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रह जाए। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण प्रदेश में स्वास्थ्य सूचकांकों में लगातार सुधार हो रहा है और आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव दिए। इस दौरान आशा संगिनी और आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका को भी सराहा गया, जो जमीनी स्तर पर जाकर लोगों को जागरूक करने और उन्हें योजनाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं।

इस अवसर पर अपर एवं उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, डीएमओ, आरकेएसके कंसल्टेंट, डीईआईसी मैनेजर, डीएफपीएलएम मैनेजर, एफएलसी-एनसीडी टीम, आयुष्मान भारत टीम एवं बीसीपीएम बेहजम सहित कई स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि वे जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।

संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य आमजन, विशेषकर बुजुर्गों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाना था। इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जागरूकता ही स्वस्थ समाज की कुंजी है और जब लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत होंगे, तभी एक सशक्त और समृद्ध समाज का निर्माण संभव होगा।

कुल मिलाकर, यह वृद्ध स्वास्थ्य संगोष्ठी न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम रही, बल्कि यह एक सशक्त पहल साबित हुई, जिसने समाज के एक महत्वपूर्ण वर्ग—बुजुर्गों—को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया। इस प्रकार के आयोजन भविष्य में भी स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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