June 3, 2026

मुंद्रा बंदरगाह पर 1150 करोड़ की कोकीन जब्त, गुजरात ATS और कोस्ट गार्ड की बड़ी कार्रवाई

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यूरोप के मालवाहक जहाज से पकड़ी गई 118 किलो कोकीन, दिल्ली तक पहुंचाने की थी साजिश; तीन विदेशी नागरिक गिरफ्तार

गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार करते हुए करोड़ों रुपये की कोकीन बरामद की है। गुजरात एटीएस और भारतीय तटरक्षक बल की संयुक्त कार्रवाई में यूरोप से आए एक मालवाहक जहाज से करीब 118 किलो कोकीन जब्त की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1150 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस हाईप्रोफाइल कार्रवाई के बाद देशभर की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं।

जानकारी के मुताबिक, यह कोकीन खेप दिल्ली तक पहुंचाने की तैयारी थी। मामले में तंजानिया, नाइजीरिया और युगांडा के तीन विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों को शक है कि यह एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का हिस्सा हो सकता है, जिसके तार कई देशों से जुड़े हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार, मालवाहक जहाज लंबी अंतरराष्ट्रीय समुद्री यात्रा के बाद मुंद्रा बंदरगाह पहुंचा था। यह जहाज ब्राजील, कई लैटिन अमेरिकी देशों, मैक्सिको, अमेरिका और कराची होते हुए भारत पहुंचा। जांच एजेंसियां अब इस पूरे रूट और नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं, क्योंकि माना जा रहा है कि इस तस्करी के पीछे एक संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह सक्रिय है।

बताया जा रहा है कि गुजरात एटीएस को पहले से ही इस खेप को लेकर खुफिया इनपुट मिले थे। इसके बाद भारतीय तटरक्षक बल के साथ मिलकर एक विशेष ऑपरेशन चलाया गया। जहाज के भारत पहुंचते ही सुरक्षा एजेंसियों ने उसे निगरानी में लिया और गहन तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान जहाज में बेहद शातिर तरीके से छिपाकर रखी गई कोकीन बरामद हुई।

जांच अधिकारियों के मुताबिक, ड्रग्स को इस तरह छिपाया गया था कि सामान्य जांच में उसका पता लगाना बेहद मुश्किल था। हालांकि एजेंसियों की सतर्कता और तकनीकी निगरानी के चलते यह बड़ा नेटवर्क बेनकाब हो गया।

गिरफ्तार किए गए तीनों विदेशी नागरिकों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि भारत में इस खेप को कौन रिसीव करने वाला था और इसका अंतिम नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि देश के बड़े शहरों में सक्रिय ड्रग्स माफिया से भी इनके संबंध हो सकते हैं।

सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह कार्रवाई इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में गुजरात का मुंद्रा बंदरगाह अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करों के निशाने पर रहा है। पहले भी यहां बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की खेप पकड़ी जा चुकी है। ऐसे में एजेंसियां लगातार समुद्री मार्गों के जरिए हो रही तस्करी पर विशेष नजर बनाए हुए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि लैटिन अमेरिकी देशों से आने वाली कोकीन का नेटवर्क बेहद संगठित और तकनीकी रूप से मजबूत होता है। समुद्री मार्गों का इस्तेमाल कर तस्कर विभिन्न देशों के बंदरगाहों के जरिए माल को गंतव्य तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं। भारत में बढ़ती खपत और बड़े शहरों में ड्रग्स नेटवर्क के फैलाव को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय गिरोह लगातार सक्रिय हैं।

इस कार्रवाई के बाद केंद्रीय एजेंसियों और नारकोटिक्स विभाग ने भी जांच तेज कर दी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। सुरक्षा एजेंसियां जहाज के पूरे दस्तावेज, कंटेनर मूवमेंट और डिजिटल कम्युनिकेशन की भी जांच कर रही हैं।

गुजरात एटीएस और भारतीय तटरक्षक बल की इस संयुक्त कार्रवाई को हाल के समय की सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी में से एक माना जा रहा है। एजेंसियों का कहना है कि यदि यह खेप बाजार तक पहुंच जाती, तो इससे युवाओं के बीच नशे का बड़ा नेटवर्क फैल सकता था।

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संपर्क कर ड्रग्स तस्करी नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई हैं।

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