सम्पूर्णा नगर/लखीमपुर खीरी। सीमावर्ती गांवों में विकास और जनसहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 39वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने गुरुवार को वाइब्रेंट ग्राम भूपनगर में नागरिक कल्याण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में ग्रामीणों को सामुदायिक सामग्री उपलब्ध कराने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्थानीय नागरिकों को सम्मानित किया गया।
सीमा चौकी हंसनगर के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में कमांडेंट रबीन्द्र कुमार राजेश्वरी ने ग्राम प्रधान को बड़े बर्तन, कॉटन दरी, तिरपाल तथा अन्य आवश्यक सामुदायिक सामग्री सौंपी। उन्होंने कहा कि इन संसाधनों का उपयोग सामाजिक आयोजनों और सार्वजनिक कार्यों में किया जाए, जिससे पूरे गांव को इसका लाभ मिल सके।
कमांडेंट ने ग्रामीणों से कहा कि सामुदायिक संपत्ति की सुरक्षा और रखरखाव सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि ग्रामीण इन संसाधनों का बेहतर उपयोग करेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी इन्हें सुरक्षित रखेंगे।
कार्यक्रम में मधुमक्खी पालन, सिलाई, काष्ठ शिल्प तथा कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि गांवों में छिपी प्रतिभाओं को पहचान और सम्मान मिलने से युवाओं में आत्मनिर्भर बनने की भावना मजबूत होती है।
इस अवसर पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कौशल विकास, नशा मुक्ति अभियान तथा भारत-नेपाल सीमा पर शांति और सौहार्द बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। कमांडेंट ने ग्रामीणों से अपील की कि सीमा क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल एसएसबी को दें, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके।
ग्रामीणों ने एसएसबी के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से सुरक्षा बल और आम जनता के बीच विश्वास बढ़ता है तथा गांवों के विकास को नई दिशा मिलती है। कार्यक्रम में एसएसबी के अधिकारी, जवान, ग्राम प्रधान और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।