अतर्रा में रेलवे फाटक 2 अप्रैल से स्थायी रूप से बंद, आधुनिक ओवरब्रिज का होगा निर्माण
अतर्रा में रेलवे फाटक 2 अप्रैल से स्थायी रूप से बंद, आधुनिक ओवरब्रिज का होगा निर्माण
अतर्रा (बांदा), जिला संवाददाता।
रेलवे प्रशासन ने बांदा-मानिकपुर रेल खंड पर अतर्रा कस्बे में स्थित बिसंडा रोड के समपार फाटक संख्या 476 को आगामी 2 अप्रैल से स्थायी रूप से बंद करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह कदम रेलवे सेवाओं के आधुनिकीकरण, यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। बंद किए जाने वाले इस फाटक के स्थान पर अब एक अत्याधुनिक “एंड-टू-एंड रोड ओवर ब्रिज (ROB)” का निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को भविष्य में बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।

अतर्रा क्षेत्र में यह रेलवे फाटक लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ था। फाटक बंद होने के दौरान अक्सर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं, जिससे आमजन, व्यापारियों, छात्रों और मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। कई बार आपातकालीन सेवाएं भी जाम में फंस जाती थीं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती थी। ऐसे में रेलवे प्रशासन द्वारा लिया गया यह निर्णय स्थानीय लोगों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ओवरब्रिज के निर्माण से न केवल सड़क यातायात सुगम होगा, बल्कि ट्रेनों के संचालन में भी गति आएगी। वर्तमान में समपार फाटक होने के कारण ट्रेनों को कई बार धीमी गति से गुजरना पड़ता है या सिग्नलिंग में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है। ओवरब्रिज बनने के बाद इन बाधाओं से मुक्ति मिलेगी और रेल संचालन अधिक सुरक्षित व समयबद्ध हो सकेगा।
निर्माण कार्य के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए रेलवे प्रशासन ने विस्तृत डायवर्जन प्लान जारी किया है। इस योजना के तहत बिसंडा की ओर से अतर्रा आने वाले वाहन समपार फाटक संख्या 477 का उपयोग करेंगे। यह मार्ग राज्य भंडारण निगम के पास से होकर राष्ट्रीय राजमार्ग-35 (NH-35) तक जाता है, जिससे वाहन आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। वहीं अतर्रा से बिसंडा की ओर जाने वाले वाहनों के लिए हिंदू इंटर कॉलेज के पास स्थित समपार फाटक संख्या 475 को वैकल्पिक मार्ग के रूप में निर्धारित किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। साथ ही संबंधित स्थानों पर संकेतक बोर्ड, बैरिकेडिंग और यातायात नियंत्रण की समुचित व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे। रेलवे के जनसंपर्क विभाग ने नागरिकों, वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें और किसी भी स्थिति में रेलवे ट्रैक को अनाधिकृत रूप से पार करने का प्रयास न करें।
स्थानीय नागरिकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि ओवरब्रिज का निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। लोगों का कहना है कि यदि यह परियोजना तय समय में पूरी हो जाती है तो अतर्रा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के ओवरब्रिज न केवल यातायात को सुगम बनाते हैं, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना को भी काफी हद तक कम कर देते हैं। रेलवे फाटकों पर होने वाली अधिकांश दुर्घटनाएं मानव त्रुटियों के कारण होती हैं, जिन्हें इस प्रकार की संरचनाओं के माध्यम से रोका जा सकता है।
कुल मिलाकर, अतर्रा में समपार फाटक संख्या 476 को बंद कर ओवरब्रिज निर्माण का निर्णय विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है। यह परियोजना पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के लोगों को जाम से मुक्ति, सुरक्षित यात्रा और बेहतर यातायात सुविधा का लाभ मिलेगा, जिससे अतर्रा का समग्र विकास भी सुनिश्चित होगा।
दिनेश कुमार गुप्ता
जिला संवाददाता, राष्ट्रध्वनि भारतवाणी समाचार