गेहूं खरीद केंद्र पर डीएम की ‘सरप्राइज एंट्री’, किसानों से पूछा— MSP मिल रहा या नहीं?
गेहूं खरीद केंद्र पर डीएम की ‘सरप्राइज एंट्री’, किसानों से पूछा— MSP मिल रहा या नहीं?
लखीमपुर खीरी में गेहूं खरीद व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखने शुक्रवार को जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह अचानक कृषि उत्पादन मंडी समिति पहुंच गए। डीएम की इस अचानक एंट्री से मंडी परिसर में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। किसी को अंदाजा नहीं था कि डीएम सीधे क्रय केंद्रों पर पहुंचकर किसानों से आमने-सामने बात करेंगे और व्यवस्थाओं की खुद निगरानी करेंगे।
निरीक्षण के दौरान डीएम के साथ डिप्टी आरएमओ नमन पाण्डेय भी मौजूद रहे। डीएम ने गेहूं खरीद केंद्रों पर पहुंचते ही सीधे किसानों से बातचीत शुरू कर दी और पूछा कि उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP का लाभ सही तरीके से मिल रहा है या नहीं।

किसानों से सीधे संवाद, पूछा — “कोई दिक्कत तो नहीं?”
सबसे पहले डीएम खाद्य विभाग के गेहूं क्रय केंद्र पहुंचे। वहां मितौली तहसील के ग्राम देतेलीकला निवासी किसान अवतार सिंह और अमरजीत सिंह का गेहूं तौला जा रहा था। डीएम ने बिना किसी औपचारिकता के सीधे किसानों से सवाल किया — “खरीद में कोई दिक्कत तो नहीं हो रही?”
किसानों ने बताया कि उनका गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बिना किसी परेशानी के खरीदा जा रहा है। भुगतान प्रक्रिया और तौल व्यवस्था से भी उन्होंने संतोष जताया। किसानों की बात सुनने के बाद डीएम ने वहां मौजूद व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
पानी और गुड़ की व्यवस्था भी देखी
सरकार के निर्देशानुसार मंडियों में किसानों के लिए गर्मी से राहत देने हेतु पानी और गुड़ की व्यवस्था की गई है। डीएम ने खुद इन व्यवस्थाओं की जांच की। खास बात यह रही कि उन्होंने मौके पर मौजूद किसान को खुद अपने हाथों से गुड़ खिलाकर फीडबैक लिया।
डीएम का यह व्यवहार किसानों के बीच चर्चा का विषय बन गया। किसानों ने कहा कि पहली बार किसी बड़े अधिकारी को इस तरह सीधे उनकी समस्याएं सुनते और व्यवस्थाएं जांचते देखा गया।
सहकारिता विभाग के केंद्र पर भी पहुंचे डीएम
इसके बाद जिलाधिकारी सहकारिता विभाग के क्रय केंद्र पहुंचे। यहां सिवकहा निवासी किसान हरमन अपने पिता बलदेव सिंह की उपज बेचने आए थे। डीएम ने यहां खरीद से जुड़े अभिलेखों की गहन जांच की और किसान से लंबी बातचीत कर पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली।
उन्होंने पूछा कि तौल सही हो रही है या नहीं, भुगतान में कोई देरी तो नहीं हो रही और मंडी में किसी प्रकार की अवैध वसूली तो नहीं की जा रही। किसान ने बताया कि खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चल रही है।

गेहूं खरीद के आंकड़ों की भी समीक्षा
निरीक्षण के दौरान डीएम ने मंडी में स्थापित विभिन्न एजेंसियों के क्रय केंद्रों और खरीद की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मंडी द्वितीय में अब तक 56 किसानों से 4000 कुंतल गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
इनमें से 1722 कुंतल गेहूं का प्रेषण किया जा चुका है, जबकि 2278 कुंतल गेहूं अभी अवशेष है। वहीं यूपीपीसीयू बी-पैक्स केंद्र पर 15 किसानों से लगभग 600 कुंतल गेहूं की खरीद की गई है।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गेहूं खरीद की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और किसी भी किसान को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
नीलामी प्रक्रिया पर डीएम का सख्त रुख
निरीक्षण के दौरान मंडी में नीलामी प्रक्रिया को लेकर शिकायत भी सामने आई। कुछ किसानों और व्यापारियों ने बताया कि बोली की प्रक्रिया ऊपर से नीचे की ओर कराई जा रही है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
इस शिकायत पर डीएम का रुख बेहद सख्त नजर आया। उन्होंने मौके पर मौजूद मंडी सचिव को फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि नीलामी पूरी तरह नियमों के अनुसार कराई जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वीडियो बनाकर भेजने के निर्देश
डीएम ने मंडी निरीक्षक को निर्देश दिए कि चबूतरे की नीलामी प्रक्रिया की पूरी वीडियोग्राफी कराई जाए और उसका वीडियो उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि मंडी में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है और इसके लिए निगरानी मजबूत की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में नीलामी प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
किसानों में दिखा भरोसा
डीएम के इस औचक निरीक्षण के बाद किसानों में प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ता नजर आया। किसानों का कहना था कि यदि अधिकारी इसी तरह लगातार निगरानी करते रहे, तो गेहूं खरीद व्यवस्था और बेहतर हो सकती है।
जिलाधिकारी ने अंत में अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए और गेहूं खरीद प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता एवं समयबद्ध तरीके से संचालित की जाए।