“स्कूलों में पढ़ाई ऐसी हो कि दाखिले के लिए लगे होड़” : डीएम अंजनी कुमार सिंह
जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में शिक्षा गुणवत्ता पर जोर, अगस्त में खुद बच्चों का अधिगम स्तर परखेंगे डीएम
लखीमपुर खीरी। जिले के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से बुधवार शाम अटल सभागार में जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने की, जबकि संचालन मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार ने किया। बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, नामांकन अभियान, अधिगम स्तर, स्कूलों की भौतिक सुविधाओं और पठन-पाठन व्यवस्था की बिंदुवार समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि विद्यालयों में केवल भवन और संसाधनों का विकास पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता इतनी बेहतर होनी चाहिए कि अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला कराने के लिए प्रतिस्पर्धा करें। उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालयों की छवि बदलने के लिए शिक्षकों और अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करना होगा।
डीएम ने जिले में नामांकन अभियान की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जिले ने निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष तेजी से नामांकन बढ़ाया है और ड्रॉप आउट रेट भी बेहद कम है, जो पूरे शिक्षा विभाग के लिए सराहनीय उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि अब अगला लक्ष्य बच्चों के अधिगम स्तर और शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाना होना चाहिए।
उन्होंने बैठक में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगस्त माह में वह स्वयं परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण कर बच्चों के अधिगम स्तर की जांच करेंगे। इसके लिए प्रश्नपत्र सीधे बच्चों की पुस्तकों से तैयार कराए जाएंगे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विद्यालयों में वास्तविक पढ़ाई का स्तर क्या है। डीएम ने कहा कि बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत होना बेहद जरूरी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में डीएम ने विद्यालयों के भौतिक संसाधनों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में अब तक विद्युतीकरण नहीं हुआ है, वहां नियमित फॉलोअप कर शीघ्र बिजली व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। साथ ही सभी विद्यालयों को फर्नीचर से सुसज्जित करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार ने कहा कि निपुण भारत अभियान के तहत गुणवत्ता आधारित शिक्षा पर विशेष फोकस किया जाए। उन्होंने कहा कि जिले में नामांकन की स्थिति संतोषजनक है, लेकिन अब जरूरत इस बात की है कि बच्चों के सीखने की क्षमता और पठन-पाठन के स्तर को और अधिक मजबूत किया जाए। उन्होंने शिक्षकों और अधिकारियों से विद्यालयों में सकारात्मक शैक्षणिक माहौल बनाने का आह्वान किया।
बैठक में एसएमसी गठन, प्रेरणा पोर्टल पर डाटा अपलोडिंग, केजीबीवी विद्यालयों में निर्माण कार्यों की प्रगति, डीबीटी मॉडल, स्कूल चलो अभियान, निपुण भारत मिशन, ऑपरेशन कायाकल्प के 19 पैरामीटर, शिक्षकों के प्रशिक्षण, डीटीएफ-बीटीएफ निरीक्षण, दिव्यांग बच्चों की ट्रैकिंग और मध्यान्ह भोजन योजना सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
बीएसए प्रवीण तिवारी ने बैठक में आश्वासन दिया कि जिलाधिकारी द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ अनुपालन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की पूरी टीम जिले में शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
बैठक में सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता, डीआईओएस विनोद कुमार मिश्र, डीएसओ अंजनी कुमार सिंह, सभी खंड शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी बीडीओ वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया गया सम्मानित
बैठक के अंत में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह एवं सीडीओ अभिषेक कुमार ने शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं शिक्षकों को सम्मानित भी किया। कक्षा 08 के सापेक्ष कक्षा 09 में उल्लेखनीय नामांकन वृद्धि एवं जिम्मेदारियों के प्रभावी निर्वहन के लिए प्रवक्ता अनुज कुमार, बीईओ मोहम्मदी शशांक सिंह, बीईओ कुंभी श्रीराम तथा प्रधानाचार्य वीरेश चंद्र बाजपेई को सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह के दौरान डीएम ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वालों को प्रोत्साहन मिलना बेहद जरूरी है। इससे अन्य शिक्षकों और अधिकारियों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
बैठक के अंत में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने का संकल्प दोहराया गया।