March 2, 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर निघासन में भव्य हिंदू सम्मेलन

Share करें

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर निघासन में भव्य हिंदू सम्मेलन

कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता और स्वदेशी के संदेश के साथ उमड़ा जनसैलाब

निघासन (लखीमपुर खीरी)।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर निघासन क्षेत्र के खैराहनी मंडल अंतर्गत आदर्श जनता शिक्षा निकेतन विद्यालय परिसर में एक भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समाजसेवी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति और संगठनात्मक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि श्रीमान संजीव जी (जिला कार्यवाह) का आगमन होते ही उपस्थित हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा पुष्पमालाओं एवं जयघोष के साथ भव्य स्वागत, वंदन व अभिनंदन किया गया। मंच पर अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।

मुख्य अतिथि संजीव जी ने अपने प्रेरक संबोधन में राष्ट्र और समाज के वर्तमान परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संघ का शताब्दी वर्ष केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और सामाजिक उत्तरदायित्व का अवसर है। उन्होंने कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, शिष्टाचार और स्वदेशी जैसे विषयों पर विस्तार से विचार रखते हुए समाज से आह्वान किया कि छुआछूत और भेदभाव जैसी कुरीतियों को समाप्त कर एकजुट होकर राष्ट्रनिर्माण में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि संगठित समाज ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है।

कार्यक्रम में आदर्श कुमार (खंड प्रचारक), निघासन के प्रचारक, नितिन जी (मंडल कार्यवाह), श्रीमान हनुमत जी, राजीव पांडेय जी, मोमराज विश्वकर्मा (प्रधानाचार्य) सहित अनेक गणमान्य अतिथि मंचासीन रहे। वक्ताओं ने संघ के सेवा, संस्कार और समर्पण के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने पर बल दिया।

सम्मेलन के दौरान राष्ट्रहित, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संकल्प दोहराया गया। उपस्थित जनसमूह ने तालियों और जयघोष के साथ विचारों का समर्थन किया। कार्यक्रम का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ, जहां सभी ने समाज में समरसता और सकारात्मक परिवर्तन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

यह भव्य हिंदू सम्मेलन न केवल संघ के 100 वर्ष की गौरवशाली यात्रा का प्रतीक बना, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक जागरूकता और एकता का सशक्त संदेश भी देकर गया।

About The Author