खीरी में आयुष्मान कार्ड संतृप्ति के लिए ‘महाभियान’ शुरू, स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर
Vivek Gupta May 8, 2026 0
खीरी में आयुष्मान कार्ड संतृप्ति के लिए ‘महाभियान’ शुरू, स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर
लखीमपुर खीरी में अब कोई भी पात्र परिवार आयुष्मान भारत योजना के लाभ से वंचित न रहे, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। जिले में आयुष्मान कार्ड संतृप्ति को लेकर एक माह का विशेष “महाभियान” चलाया जाएगा, जिसकी शुरुआत 11 मई से होगी। इस अभियान के तहत उन सभी पात्र परिवारों तक पहुंचने की रणनीति बनाई गई है, जिनके अब तक आयुष्मान कार्ड नहीं बन सके हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने इस अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले के प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ दिलाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। खास तौर पर जीरो पॉवर्टी परिवारों, आशा बहुओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के परिवारों को इस अभियान में विशेष फोकस पर रखा गया है।

19 लाख से अधिक लाभार्थियों का लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनपद में आयुष्मान भारत योजना के तहत कुल 19,67,428 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक इनमें से 11,00,333 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जो कुल लक्ष्य का लगभग 55.86 प्रतिशत है। हालांकि अभी भी बड़ी संख्या में पात्र परिवार योजना से वंचित हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने अब मिशन मोड में काम शुरू कर दिया है। सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने जिले के सभी अधीक्षकों और स्वास्थ्य अधिकारियों को ब्लॉकवार प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले एक महीने में अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक पहुंचना विभाग का प्रमुख लक्ष्य होगा।
गांव-गांव लगेंगे विशेष कैंप
अभियान के तहत प्रत्येक विकास खंड में विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे गांवों की पहचान कर ली है, जहां सबसे अधिक पात्र लोग अभी भी आयुष्मान कार्ड से वंचित हैं। हर सप्ताह प्रत्येक ब्लॉक में दो ऐसे गांवों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां कार्ड बनवाने की संख्या सबसे कम है।
इसके लिए 10-10 गांवों की सूची भी जारी कर दी गई है। इन शिविरों में मौके पर ही लाभार्थियों का सत्यापन कर आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे। विभाग का मानना है कि गांव स्तर पर कैंप लगाने से लोगों को सुविधा मिलेगी और अधिक से अधिक लोग योजना से जुड़ सकेंगे।

आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की बड़ी भूमिका
इस महाभियान में आशा बहुओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। साप्ताहिक क्लस्टर मीटिंग में सभी आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आधार कार्ड और राशन कार्ड के साथ बुलाया जाएगा। वहीं मौके पर ही ऑपरेटर बैठाकर उनके तथा उनके परिवार के सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां गांव-गांव तक पहुंच रखती हैं, इसलिए उनके माध्यम से अभियान को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्हें यह जिम्मेदारी भी दी गई है कि वे अपने क्षेत्र में छूटे हुए पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें कैंप तक लाएं।

वीएचएनडी सत्रों पर भी मिलेगी सुविधा
ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHND) सत्रों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। एएनएम और आशा संगिनी के माध्यम से इन सत्रों पर भी लाभार्थियों के कार्ड बनाए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अलग से कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उन्हें अपने गांव में ही योजना का लाभ मिल सकेगा।
जीरो पॉवर्टी परिवारों पर विशेष फोकस
स्वास्थ्य विभाग ने अत्यंत निर्धन यानी जीरो पॉवर्टी परिवारों को इस अभियान में सबसे अधिक प्राथमिकता दी है। विभाग के निर्देश हैं कि ऐसे परिवारों के सभी सदस्यों के कार्ड तत्काल सत्यापित कर बनाए जाएं, ताकि उन्हें इलाज के लिए आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
अधिकारियों का कहना है कि कई गरीब परिवार जानकारी के अभाव में अब तक योजना से नहीं जुड़ पाए हैं। इसलिए इस बार विभाग सीधे गांवों तक पहुंचकर ऐसे लोगों को योजना से जोड़ने का प्रयास करेगा।
सीएमओ की सख्त चेतावनी
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि राज्य स्तर से लगातार जनपद की प्रगति की समीक्षा की जा रही है और इस अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि कैंप, क्लस्टर मीटिंग और वीएचएनडी सत्रों के माध्यम से शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान योजना के सुरक्षा कवच से जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है, इसलिए यह जरूरी है कि कोई भी पात्र व्यक्ति इससे वंचित न रहे।
स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि इस एक माह के विशेष अभियान से जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने की रफ्तार तेज होगी और हजारों नए परिवार योजना से जुड़कर स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।