July 20, 2026

“हार का ठीकरा लोकतंत्र पर मत फोड़िए…” अमित शाह का कांग्रेस पर बड़ा हमला, चुनावी हार को लेकर घेरा

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“हार का ठीकरा लोकतंत्र पर मत फोड़िए…” अमित शाह का कांग्रेस पर बड़ा हमला, चुनावी हार को लेकर घेरा

देश की राजनीति में एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर बहस तेज हो गई है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लगातार चुनाव हारने के बाद अब कांग्रेस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ही बदनाम करने में जुट गई है।

एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस जब चुनाव नहीं जीत पाती, तो कभी ईवीएम पर सवाल उठाती है, कभी मतदाता सूची पर और कभी चुनावी प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश करती है। उन्होंने सीधे तौर पर राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लगातार लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अविश्वास जताने का प्रयास कर रहे हैं।

“हार दिखी तो चुनाव प्रक्रिया पर सवाल शुरू”

अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस को जैसे ही यह एहसास हुआ कि कई राज्यों में चुनाव जीतना उनके लिए लगभग असंभव हो चुका है, उन्होंने चुनाव प्रणाली पर ही सवाल खड़े करने शुरू कर दिए।

उन्होंने कहा, “कभी ईवीएम पर आरोप लगाए जाते हैं, कभी मतदाता सूची पर सवाल उठाए जाते हैं और कभी चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर कीचड़ उछालने का प्रयास होता है। लोकतंत्र में हार-जीत होती रहती है, लेकिन हार के बाद पूरी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है।”

कई राज्यों का उदाहरण देकर कांग्रेस को घेरा

गृह मंत्री ने कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर सवाल उठाते हुए कई राज्यों के उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस हर हार को वोट चोरी या चुनावी गड़बड़ी मानती है, तो फिर उसे यह भी बताना चाहिए कि जिन राज्यों में दशकों से कांग्रेस सत्ता में नहीं आ सकी, वहां क्या हुआ?

अमित शाह ने कहा कि तमिलनाडु में वर्ष 1967 के बाद से कांग्रेस का मुख्यमंत्री नहीं बन पाया। पश्चिम बंगाल में लगभग 49 वर्षों से कांग्रेस सत्ता से बाहर है। सिक्किम में 42 साल, बिहार में 36 साल, गुजरात में 30 साल, ओडिशा में 26 साल, नागालैंड में 33 साल और महाराष्ट्र में भी लंबे समय से कांग्रेस मुख्यमंत्री पद तक नहीं पहुंच सकी।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अगर कांग्रेस इन सभी चुनावों को वोट चोरी मानती है, तो फिर वोट चोरी करने वाले कौन हैं? वे सभी तो आज INDIA गठबंधन में कांग्रेस के साथ बैठे हैं।”

INDIA गठबंधन पर भी निशाना

अमित शाह ने विपक्षी INDIA Alliance पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिन दलों के साथ आज मंच साझा कर रही है, उन्हीं राज्यों में वही दल लंबे समय से कांग्रेस को सत्ता से दूर रखे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता के बीच अपनी स्वीकार्यता खो चुका है और इसी कारण अब लोकतांत्रिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करने की राजनीति की जा रही है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अमित शाह का यह बयान आगामी चुनावों और विपक्षी रणनीति को लेकर भाजपा के आक्रामक रुख का संकेत है। भाजपा लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि चुनावी हार को लोकतंत्र की कमजोरी नहीं, बल्कि राजनीतिक असफलता के रूप में देखा जाना चाहिए।

“कांग्रेस को आत्मचिंतन की जरूरत”

अपने संबोधन में अमित शाह ने कांग्रेस को आत्ममंथन की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि जनता लगातार कांग्रेस को नकार रही है और पार्टी को यह समझने की जरूरत है कि आखिर उसकी राजनीति में क्या कमी रह गई है।

उन्होंने कहा, “मैं मानता हूं कि कांग्रेस को अपनी हार के कारणों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। जनता का विश्वास केवल आरोप लगाने से नहीं, बल्कि जमीनी काम और मजबूत नेतृत्व से जीता जाता है।”

चुनावी राजनीति में बयानबाजी तेज

हाल के दिनों में चुनावी पारदर्शिता, ईवीएम और मतदाता सूची को लेकर विपक्ष की ओर से लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल कई मौकों पर चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर चिंता जता चुके हैं।

वहीं भाजपा इन आरोपों को लोकतंत्र को बदनाम करने की कोशिश बताती रही है। अमित शाह का यह बयान इसी राजनीतिक टकराव को और तेज करता नजर आ रहा है।

सोशल मीडिया पर भी छाया बयान

अमित शाह के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई। भाजपा समर्थकों ने इसे कांग्रेस को करारा जवाब बताया, जबकि विपक्षी समर्थकों ने इसे राजनीतिक हमला करार दिया।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है।

फिलहाल, अमित शाह के इस बयान ने साफ संकेत दे दिया है कि भाजपा विपक्ष के चुनावी आरोपों का जवाब अब और अधिक आक्रामक अंदाज में देने की तैयारी में है।

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