March 2, 2026

ब्लॉक प्रमुख ने किया विशाल मानसिक स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ 280 मरीजों का हुआ रजिस्ट्रेशन, 45 मानसिक रूप से पीड़ितों का हुआ परीक्षण

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ब्लॉक प्रमुख ने किया विशाल मानसिक स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ
280 मरीजों का हुआ रजिस्ट्रेशन, 45 मानसिक रूप से पीड़ितों का हुआ परीक्षण

लखीमपुर खीरी।
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को तोड़ने और ग्रामीण अंचलों तक सही इलाज पहुंचाने की दिशा में मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुआ में एक विशाल मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित हुआ, जिसमें सैकड़ों लोगों ने पहुंचकर लाभ उठाया।

विशाल मेगा मानसिक स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ ब्लॉक प्रमुख नेहा राज एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुभाष वर्मा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख के पति सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

280 मरीज पंजीकृत, 45 मानसिक रूप से पीड़ितों का हुआ विशेष परीक्षण
शिविर में कुल 280 मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया गया, जिनमें से 45 मानसिक रूप से मंदित अथवा गंभीर मानसिक समस्याओं से ग्रसित व्यक्तियों का विस्तृत मानसिक परीक्षण किया गया। परीक्षण के उपरांत मरीजों को निःशुल्क दवाएं भी वितरित की गईं।

ग्रामीण क्षेत्रों में झाड़-फूंक से दूर रहने की अपील
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुभाष वर्मा ने बताया कि आज के समय में मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक बीमारियों को लेकर लोग आज भी झाड़-फूंक, ओझा-हकीम जैसी अवैज्ञानिक पद्धतियों में उलझे रहते हैं, जिससे बीमारी और गंभीर हो जाती है।
उन्होंने बताया कि जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत डॉक्टरों की टीम जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और ब्लॉक स्तर पर शिविर लगाकर लोगों को सही इलाज और परामर्श दे रही है।

मनोचिकित्सक ने दी गंभीर बीमारियों की जानकारी
शिविर में जिला पुरुष अस्पताल से पहुंचे मनोचिकित्सक डॉ. अखिलेश शुक्ला ने मरीजों की जांच की। इस दौरान उन्होंने अनिद्रा, अवसाद, चक्कर आना, बेहोशी के दौरे, बुद्धि का कम विकास, माइग्रेन, सिरदर्द, घबराहट, चिंता, तनाव, भेदभाव की भावना, आत्महत्या की प्रवृत्ति, तथाकथित ऊपरी शक्ति का प्रभाव, झाड़-फूंक जैसी भ्रांतियों पर विस्तार से जानकारी दी।

डॉ. अखिलेश शुक्ला ने लोगों से अपील की कि मानसिक बीमारी भी अन्य बीमारियों की तरह इलाज योग्य है और बिना किसी झिझक के डॉक्टरों से संपर्क करें। उन्होंने समाज में व्याप्त अंधविश्वास को समाप्त करने का आह्वान किया।

पंपलेट वितरण और व्यापक जन-जागरूकता
जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रकोष्ठ द्वारा बिजुआ क्षेत्र से आए मरीजों, सीएचओ, आशा, एएनएम, स्टाफ नर्स एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को पंपलेट वितरित कर मानसिक बीमारियों के लक्षण, उपचार और सरकारी सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

हेल्पलाइन और ओपीडी की दी जानकारी
साइक्रेटिक सोशल वर्कर अतुल कुमार पाण्डेय ने बताया कि जिला पुरुष अस्पताल के कक्ष संख्या-02 में प्रत्येक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को प्रातः 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक मानसिक स्वास्थ्य ओपीडी संचालित होती है।
इसके साथ ही हेल्पलाइन नंबर 9120984643 एवं टेली मानस टोल फ्री नंबर 14416 (24×7) पर किसी भी मानसिक समस्या के लिए संपर्क किया जा सकता है।

अन्य जांच व परामर्श सेवाएं भी उपलब्ध
शिविर में साईक्रेटिक नर्स विवेक कुमार मित्तल द्वारा मानसिक रोगियों को दवाएं वितरित की गईं।
नैदानिक मनोवैज्ञानिक स्तुति कक्कड़ द्वारा 2 मरीजों का मानसिक परीक्षण एवं बुद्धिमत्ता की जांच की गई।
एनसीडी काउंसलर राजेश पाल ने काउंसलिंग की, जबकि स्टाफ नर्स प्रीति शर्मा द्वारा 42 मरीजों की ब्लड शुगर और बीपी की जांच की गई।

स्वास्थ्य टीम की रही सक्रिय भूमिका
शिविर में सीएचसी मितौली के अधीक्षक डॉ. सुभाष वर्मा, डॉ. रिजवान, डॉ. धर्मेश, एआरएस काउंसलर सरिता राज, लैब टेक्नीशियन एकांश आर्य, विवेक कुमार सहित बड़ी संख्या में पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहा।

संदेश साफ—मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही जरूरी
यह विशाल मानसिक स्वास्थ्य शिविर न केवल इलाज का माध्यम बना, बल्कि लोगों में यह संदेश भी गया कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है और सही समय पर इलाज से जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है।

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