March 2, 2026

शीतलहर में एडीएम का मैदानी मोर्चा अलाव से रैन बसेरों तक लिया हाल, जरूरतमंदों को बांटे कंबल

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शीतलहर में एडीएम का मैदानी मोर्चा
अलाव से रैन बसेरों तक लिया हाल, जरूरतमंदों को बांटे कंबल

लखीमपुर खीरी, 16 दिसंबर।
कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बढ़ते प्रकोप के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। प्रशासनिक संवेदनशीलता और मानवीय जिम्मेदारी की मिसाल पेश करते हुए अपर जिलाधिकारी (एडीएम) नरेंद्र बहादुर सिंह ने मंगलवार देर शाम शहर लखीमपुर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों का स्वयं दौरा कर राहत व्यवस्थाओं का जमीनी निरीक्षण किया।

एडीएम ने रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड और जिला महिला अस्पताल परिसर पहुंचकर जल रहे अलावों, रैन बसेरों और ठंड से बचाव की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और साफ शब्दों में निर्देश दिए कि शीतलहर के इस दौर में किसी भी हाल में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अलाव बुझा तो होगी कार्रवाई—एडीएम
निरीक्षण के दौरान एडीएम ने अलावों में ईंधन की उपलब्धता, उनके नियमित संचालन और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अलाव पूरी रात लगातार जलते रहें और ईंधन की कमी किसी भी स्तर पर न होने पाए।
एडीएम ने कहा कि ठंड से बचाव प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही सीधे-सीधे गरीब और असहाय लोगों की जान से खिलवाड़ होगी।

रैन बसेरों की व्यवस्थाओं पर पैनी नजर
रैन बसेरों में साफ-सफाई, रोशनी, पेयजल, शौचालय और ठहरने की सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए एडीएम ने व्यवस्थाओं को और बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रैन बसेरे सिर्फ नाम के नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक आश्रय स्थल होने चाहिए।

जरूरतमंदों से संवाद, कंबल बांटकर पहुंचाई राहत
एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अस्पताल परिसर में मौजूद निराश्रित, बेसहारा और जरूरतमंद लोगों से सीधे संवाद किया। उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही कंबल वितरित कर ठंड से राहत पहुंचाई।
कंबल पाकर जरूरतमंदों के चेहरों पर राहत और प्रशासन के प्रति भरोसा साफ झलकता नजर आया।

रात में रहेगी विशेष निगरानी
एडीएम ने निर्देश दिए कि रात के समय विशेष निगरानी रखी जाए और संबंधित टीमें लगातार फील्ड में रहकर अलाव और रैन बसेरों की मॉनिटरिंग करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कहीं भी अलाव बुझा या रैन बसेरे में अव्यवस्था मिली तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मानवीय प्रशासन का संदेश
एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह का यह मैदानी दौरा न सिर्फ प्रशासनिक सक्रियता का प्रमाण है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि ठंड के इस कठिन समय में जिला प्रशासन हर जरूरतमंद के साथ खड़ा है। शीतलहर के बीच प्रशासन का यह संवेदनशील और जिम्मेदार रवैया आमजन के लिए राहत और भरोसे का सबब बन रहा है।

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