शारदा नदी में ज़हरीली दवा गिरने से मछलियों की सामूहिक मौत
20 से 25 कुंटल मरी मछली, वन विभाग की कार्यवाही पर सवाल
नीरज कुमार
ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी
निघासन (लखीमपुर खीरी)।
लुधौरी रेंज के अंतर्गत लालबोझी चौकी क्षेत्र में बहने वाली शारदा नदी में ज़हरीली दवा गिराए जाने से बड़ा पर्यावरणीय संकट सामने आया है। नदी में अचानक 20 से 25 कुंटल मछलियों की मौत होने से इलाके में हड़कंप मच गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार शारदा नदी में बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां बहती देखी गईं। मामले की जानकारी मिलते ही वन दरोगा पीयूष कुमार को सूचना दी गई, लेकिन कई घंटे बीत जाने के बावजूद वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ठेकेदार को भारी नुकसान
शारदा नदी के पानी का ठेका कमाल अहमद के नाम है। उन्होंने बताया कि
“मुझे जानकारी मिली है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने नदी में ज़हरीला पदार्थ डाल दिया, जिससे मेरी मछलियां मर गईं। इससे मुझे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। मरी हुई मछलियां पानी में बह गई हैं।”
सूत्रों का दावा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ज़हरीली दवा नदी में डाले जाने के कारण इतनी बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हुई है। यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि पर्यावरण और जलजीवों के लिए भी गंभीर खतरा है।
कार्यवाही शून्य, सवाल गंभीर
हैरानी की बात यह है कि अब तक न तो रेंज स्तर पर और न ही वन विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई की गई है। न ही पानी के सैंपल लिए गए और न ही दोषियों की पहचान के प्रयास शुरू हुए हैं।
स्थानीय लोगों और मछली ठेकेदारों ने मांग की है कि
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मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए
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ज़हरीला पदार्थ डालने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो
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नदी के पानी की तत्काल जांच कराई जाए
घटना ने वन विभाग की सतर्कता और पर्यावरण संरक्षण की तैयारियों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
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