March 2, 2026

महिला आईटीआई श्रीनगर का निर्माण तेज़ रफ्तार पर—94% कार्य पूरा, बजट मिलते ही परियोजना में आई जान

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महिला आईटीआई श्रीनगर का निर्माण तेज़ रफ्तार पर—94% कार्य पूरा, बजट मिलते ही परियोजना में आई जान

लखीमपुर खीरी, 02 दिसंबर।
श्रीनगर ब्लॉक फूलबेहड़ में बन रही महिला आईटीआई की बहुप्रतीक्षित परियोजना अब तेजी से अपनी अंतिम अवस्था की ओर बढ़ रही है। लंबे समय तक बजट की कमी और तकनीकी अड़चनों के कारण अटका यह निर्माण कार्य अब 94% पूरा हो चुका है। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल की निरंतर पहल और शासन स्तर पर प्रभावी फॉलोअप ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को नई गति दी है। जैसे ही दूसरी किस्त का बजट जारी हुआ, निर्माण ने फिर से रफ्तार पकड़ ली।

महिला आईटीआई के निर्माण के लिए भारत सरकार की 12वीं इम्पावर्ड कमेटी ने 31 जनवरी 2019 को ₹1260 लाख की स्वीकृति प्रदान की थी। इसमें ₹838.88 लाख सिविल निर्माण और ₹421.22 लाख टूल्स व इक्विपमेंट के लिए तय किए गए थे। प्रथम किस्त के रूप में जारी ₹630 लाख से UPRNN ने लगभग 85% कार्य पूरा कर उपभोग प्रमाण-पत्र डीएम के माध्यम से निदेशालय को भेज दिया था। लेकिन दूसरी किस्त देर से मिलने के कारण काम की गति प्रभावित हुई। डीएम की सक्रियता से शासन को लगातार पत्राचार किया गया, जिसका परिणाम यह हुआ कि 18 सितंबर 2025 को शेष ₹208.88 लाख स्वीकृत किए गए और 24 अक्टूबर को यह धनराशि कार्यदायी संस्था के खाते में पहुंच गई।

जैसे ही बजट मिला, फिनिशिंग और फिटिंग का काम तेज़ी से शुरू कर दिया गया। अक्टूबर 2025 तक निर्माण कार्य 94 प्रतिशत तक पहुँच चुका है। वर्तमान में भवन में पेंटिंग, प्लास्टर की अंतिम परत, विद्युत फिटिंग, सैनिटेशन और फर्निशिंग का काम तेजी से किया जा रहा है। धनराशि में विलंब को ध्यान में रखते हुए निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण ने परियोजना की नई पूर्णता तिथि 31 मार्च 2026 प्रस्तावित की है।

कार्यदायी संस्था ने भरोसा जताया है कि निर्धारित नई समयसीमा में पूरा निर्माण कार्य संपन्न कर भवन विभाग को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद महिला आईटीआई श्रीनगर का संचालन शुरू करने की प्रक्रिया गति पकड़ेगी। यह संस्थान क्षेत्र की बालिकाओं और युवतियों के लिए तकनीकी शिक्षा और रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण के नए अवसर खोलेगा।

यह परियोजना न केवल श्रीनगर क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि ग्रामीण अंचल की बेटियों के भविष्य को तकनीकी रूप से मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

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