March 1, 2026

देवास की अगम्या को मिला नया जीवन निःशुल्क सर्जरी से लौटी मुस्कान, कठिन हालात में परिवार के लिए बनी आशा की किरण

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देवास की अगम्या को मिला नया जीवन
निःशुल्क सर्जरी से लौटी मुस्कान, कठिन हालात में परिवार के लिए बनी आशा की किरण

हरदा से ब्यूरो चीफ: गोपाल शुक्ला

देवास, 26 दिसंबर 2025।
मुखर्जी नगर, देवास निवासी 5 वर्ष 6 माह की मासूम कुमारी अगम्या दुबे के जीवन में निःशुल्क सर्जरी ने खुशियों की नई सुबह ला दी है। जन्म से ही मसूड़े में गठान की गंभीर समस्या से जूझ रही अगम्या के लिए यह सर्जरी न केवल एक सफल चिकित्सकीय प्रक्रिया साबित हुई, बल्कि आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान परिवार के लिए आशा का दीपक भी बन गई।

अगम्या के पिता आदर्श दुबे निजी नौकरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटी की बढ़ती बीमारी ने माता श्रीमती अनुजा दुबे सहित पूरे परिवार को गहरी चिंता में डाल दिया था। परिजनों ने इंदौर और भोपाल के कई निजी अस्पतालों में उपचार कराया, जहां सर्जरी की सलाह तो दी गई, लेकिन इसके साथ ही बताया गया कि सर्जरी के बाद चेहरे में विकृति आ सकती है, 18 वर्ष की उम्र में दोबारा ऑपरेशन करना पड़ेगा और लंबे समय तक केवल तरल आहार पर रहना होगा। इसके अलावा पहली सर्जरी पर ही लगभग 80 हजार रुपये खर्च होने की बात कही गई, जो परिवार के लिए संभव नहीं था।

हताशा के इस दौर में अगम्या के परिजन उसे लेकर जिला चिकित्सालय देवास पहुंचे, जहां जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र में मामले की गंभीरता को समझा गया। सीएमएचओ डॉ. सरोजनी जेम्स बेक ने तत्काल डीएनएस हॉस्पिटल इंदौर में आईएनजीए फाउंडेशन की क्लेफ्ट एंड क्रेनियोफेशियल सर्जन डॉ. अवनी पांडे से संपर्क कर अगम्या के निःशुल्क उपचार की पहल की। फाउंडेशन द्वारा सहमति मिलने के बाद 30 सितंबर 2025 को डीएनएस हॉस्पिटल इंदौर में अगम्या की सफल और पूर्णतः निःशुल्क सर्जरी की गई।

सर्जरी के बाद न तो अगम्या के चेहरे में कोई विकृति आई और न ही भविष्य में किसी अन्य सर्जरी की आवश्यकता रही। आज अगम्या पूरी तरह स्वस्थ है और एक सामान्य, खुशहाल बचपन जी रही है। उसकी मुस्कान न केवल परिवार के चेहरे पर सुकून लेकर आई है, बल्कि यह दर्शाती है कि संवेदनशील प्रशासन, समर्पित स्वास्थ्य विभाग और सेवा भाव से कार्यरत संस्थाएं मिलकर चमत्कार कर सकती हैं।

अगम्या के परिजनों ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, आईएनजीए फाउंडेशन और चिकित्सकों का हृदय से आभार व्यक्त किया है। कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे इस परिवार के लिए आज अगम्या की मुस्कान उम्मीद, विश्वास और मानवता की जीत का प्रतीक बन चुकी है।

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