यूपी: जिला मऊ में फर्जी DSP गिरफ्तार, पूछताछ में खुली सच्चाई
मऊ (उत्तर प्रदेश)।
जिला मऊ में पुलिस ने एक फर्जी डीएसपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान प्रभात पांडेय के रूप में हुई है, जो खुद को डीएसपी बताकर पुलिस की वर्दी में घूम रहा था। हैरानी की बात यह रही कि उसके साथ डीएसपी रैंक का कोई सुरक्षा दस्ता या सरकारी वाहन नहीं था, जिससे स्थानीय पुलिस को उस पर शक हुआ।
वर्दी और व्यवहार से हुआ शक
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रभात पांडेय पुलिस की वर्दी पहनकर सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहा था, लेकिन उसकी गतिविधियां किसी वरिष्ठ अधिकारी जैसी नहीं लग रही थीं। जब उससे पहचान और पद से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद उसे थाने ले जाकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में सामने आई पूरी कहानी
गहन पूछताछ में सामने आया कि प्रभात पांडेय कैंसर पीड़ित है और वह किसी आपराधिक मंशा से नहीं, बल्कि अपनी पुरानी क्लासमेट को ढूंढने के लिए खुद को डीएसपी बताकर घूम रहा था। उसने स्वीकार किया कि लोगों का ध्यान आकर्षित करने और आसानी से जानकारी हासिल करने के लिए उसने यह रास्ता अपनाया।
कानूनी कार्रवाई जारी
हालांकि आरोपी की मंशा आपराधिक नहीं बताई जा रही है, फिर भी सरकारी वर्दी का दुरुपयोग और खुद को पुलिस अधिकारी बताना कानूनन अपराध है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है और उसके खिलाफ प्रासंगिक धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा भ्रम
इस पूरे मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस की सतर्कता कितनी जरूरी है। समय रहते फर्जी डीएसपी की पहचान कर उसे पकड़ लिया गया, जिससे किसी भी तरह की गलतफहमी या दुरुपयोग की संभावना टल गई।
फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि प्रभात पांडेय ने इससे पहले कहीं और खुद को अधिकारी बताकर कोई गतिविधि तो नहीं की।
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