March 1, 2026

जालौन में वन-टाइम टैक्स व्यवस्था पर परिवहन मेला, सैकड़ों वाहन स्वामी हुए शामिल

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जालौन में वन-टाइम टैक्स व्यवस्था पर परिवहन मेला, सैकड़ों वाहन स्वामी हुए शामिल

जालौन। प्रदेश सरकार द्वारा 30 जनवरी से व्यावसायिक वाहनों पर लागू की गई नई वन-टाइम टैक्स व्यवस्था के अंतर्गत उप सम्भागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय, उरई में एक विशेष परिवहन मेले का आयोजन किया गया। मेले में बड़ी संख्या में वाहन स्वामी, चालक-परिचालक, वाहन डीलर, ट्रांसपोर्ट यूनियन पदाधिकारी तथा आम नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य नई कर प्रणाली की जानकारी देना, शंकाओं का समाधान करना तथा वाहन स्वामियों को इस व्यवस्था का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करना रहा।

यह मेला उरई स्थित उप सम्भागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय परिसर में आयोजित हुआ, जहां सुबह से ही वाहन स्वामियों की भीड़ जुटने लगी। अधिकारियों ने पंजीकरण, कर निर्धारण और ऑनलाइन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी विस्तार से दी।

📌 कर प्रणाली में बड़ा बदलाव

वरिष्ठ सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) सुरेश कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम में संशोधन कर सरकार ने परिवहन कर प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाया है। अब भाड़े या पारिश्रमिक पर चलने वाले सभी व्यावसायिक वाहनों पर वन-टाइम टैक्स व्यवस्था लागू कर दी गई है, जो ‘वाहन’ पोर्टल पर तकनीकी रूप से लाइव हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि पहले वाहन स्वामियों को समय-समय पर कर जमा करने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, जिससे उन्हें कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। नई व्यवस्था में एकमुश्त कर भुगतान के बाद बार-बार की प्रक्रिया से राहत मिलेगी और विभागीय कार्यप्रणाली भी अधिक पारदर्शी बनेगी।

💰 नई दरें इस प्रकार रहेंगी:

🔹 तिपहिया मोटर कैब – वाहन मूल्य का 7%
🔹 10 लाख रुपये तक की मोटर कैब/मैक्सी कैब – 10.50%
🔹 10 लाख रुपये से अधिक की मोटर कैब/मैक्सी कैब – 12.50%
🔹 3000 किलोग्राम तक के माल वाहन – 3%
🔹 3000 से 7500 किलोग्राम तक के मिनी ट्रक – 6%

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह दरें वाहन के प्रकार और मूल्य के अनुसार निर्धारित की गई हैं, जिससे कर प्रणाली में समानता और स्पष्टता बनी रहे। साथ ही पूर्व से पंजीकृत वाहनों के स्वामियों को राहत देते हुए प्रत्येक बीते वर्ष के लिए एकबारीय कर राशि में 8% की छूट देने का प्रावधान भी किया गया है। इस घोषणा से वाहन स्वामियों में उत्साह देखा गया।

🎯 क्या है उद्देश्य?

नई वन-टाइम टैक्स व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कर भुगतान की जटिलताओं को कम करना, वाहन स्वामियों को प्रशासनिक बोझ से राहत देना और कर संग्रह प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाना है। अधिकारियों ने कहा कि इससे विभाग और वाहन स्वामियों के बीच पारदर्शिता बढ़ेगी तथा राजस्व संग्रह में भी सुधार होगा।

मेले में उपस्थित ट्रांसपोर्ट यूनियन पदाधिकारियों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि यदि प्रक्रिया सरल और ऑनलाइन आधारित होगी तो छोटे वाहन स्वामियों को विशेष लाभ मिलेगा। कई वाहन स्वामियों ने मौके पर ही अपनी शंकाओं का समाधान कराया और ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की।

🚨 सड़क सुरक्षा पर भी दिया गया जोर

परिवहन मेले के दौरान केवल कर प्रणाली ही नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर भी विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, ओवरलोडिंग से बचने और नशे की हालत में वाहन न चलाने की सलाह दी।

इसके साथ ही हिट एंड रन योजना, राहवीर योजना और आयुष्मान भारत योजना के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। सड़क दुर्घटना की स्थिति में पीड़ितों को मिलने वाली आर्थिक सहायता और उपचार संबंधी प्रावधानों को समझाया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों को सड़क सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई।

👥 ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में सुरेश कुमार (वरिष्ठ सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी), राजेश कुमार (सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी), विनय कुमार पाण्डेय (यात्रीकर/मालकर अधिकारी), संतोष कुमार पटेल (मोटर वाहन निरीक्षक), डॉ. नरेश वर्मा (अध्यक्ष, रेडक्रास सोसाइटी), अब्दुल अलीम खान (समाजसेवी) सहित बस, ट्रक, ऑटो, टैम्पो-टैक्सी यूनियन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में वाहन स्वामी उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने सभी वाहन स्वामियों से अपील की कि वे नई वन-टाइम टैक्स व्यवस्था का लाभ उठाएं और समय पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करें। परिवहन विभाग द्वारा आयोजित इस मेले को वाहन स्वामियों के लिए लाभकारी और जानकारीपूर्ण बताया गया। जालौन जनपद में यह पहल कर प्रणाली को सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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