“तंबाकू छोड़ो, जिंदगी जोड़ो” : विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जिलेभर में चलेगा जागरूकता अभियान
Vivek Gupta May 27, 2026 0
युवाओं को तंबाकू और ई-सिगरेट की लत से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की बड़ी पहल, नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
लखीमपुर खीरी। भावी पीढ़ी को तंबाकू, सिगरेट और ई-सिगरेट जैसी जानलेवा आदतों से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। “विश्व तंबाकू निषेध दिवस” (31 मई) के अवसर पर जनपद लखीमपुर खीरी में 29 मई से 03 जून 2026 तक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, स्वास्थ्य केंद्रों और शिक्षण संस्थानों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का मुख्य उद्देश्य खासतौर पर बच्चों और युवाओं को तंबाकू सेवन के खतरनाक दुष्परिणामों से अवगत कराना और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के अंतर्गत यह विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन आज समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है, जिससे कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी और कई घातक रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में युवाओं और किशोरों को समय रहते जागरूक करना बेहद जरूरी है।
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष “विश्व तंबाकू निषेध दिवस” की वैश्विक थीम —
“Unmasking the Appeal : Countering Nicotine and Tobacco Addiction”
यानी “तंबाकू उद्योगों द्वारा बच्चों और युवाओं को लुभाने के लिए ई-सिगरेट, फ्लेवर्ड तंबाकू और निकोटीन पाउच के आक्रामक प्रचार का पर्दाफाश करना” रखी गई है।
उन्होंने कहा कि आजकल युवाओं को आकर्षित करने के लिए कंपनियां रंग-बिरंगे फ्लेवर, आकर्षक पैकेजिंग और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे बच्चे और किशोर आसानी से निकोटीन की गिरफ्त में आ रहे हैं। यह एक खतरनाक प्रवृत्ति है, जिसे रोकने के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहे हैं।
सीएमओ ने स्पष्ट किया कि जनपद में सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) और इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम (पीईसीए-2019) पूरी तरह लागू है। इन कानूनों के तहत ई-सिगरेट के उत्पादन, भंडारण, परिवहन, बिक्री और विज्ञापन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त प्रवर्तन कार्रवाई भी की जाएगी।

उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हस्ताक्षर अभियान, जनजागरूकता गोष्ठियां, शपथ ग्रहण कार्यक्रम और विशेष परामर्श शिविर आयोजित किए जाएंगे। स्कूलों और कॉलेजों में भी विद्यार्थियों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यदि किशोरावस्था में ही युवाओं को सही जानकारी और जागरूकता मिल जाए तो उन्हें तंबाकू की लत से बचाया जा सकता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस बार अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की तैयारी की जा रही है।
डॉ. संतोष गुप्ता ने कहा कि तंबाकू केवल सेवन करने वाले व्यक्ति को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि उसके परिवार और आसपास के लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वयं भी तंबाकू से दूरी बनाएं और अपने बच्चों को भी इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी स्वास्थ्य इकाइयों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि कार्यक्रमों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जाए। जागरूकता गतिविधियों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को तंबाकू छोड़ने के फायदे बताएंगी और जरूरतमंद लोगों को परामर्श भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध नियमों का पालन कराने के लिए निरीक्षण अभियान भी चलाया जाएगा।
जिले में शुरू होने जा रहा यह विशेष अभियान न केवल लोगों को जागरूक करेगा, बल्कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। स्वास्थ्य विभाग का संदेश साफ है — “स्वस्थ जीवन अपनाइए, तंबाकू और निकोटीन से दूर रहिए।”