March 2, 2026

नकहा के परिषदीय स्कूलों में डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल का ‘रियलिटी चेक’ कहीं गंदगी पर सख्त नाराज़गी, कहीं समर्पित शिक्षक को खुलकर मिली सराहना

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नकहा के परिषदीय स्कूलों में डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल का ‘रियलिटी चेक’
कहीं गंदगी पर सख्त नाराज़गी, कहीं समर्पित शिक्षक को खुलकर मिली सराहना

लखीमपुर खीरी, 16 दिसंबर।
जिले के विकास क्षेत्र नकहा में मंगलवार का दिन परिषदीय विद्यालयों के लिए बेहद अहम साबित हुआ। जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के अचानक औचक निरीक्षण से शिक्षा विभाग में खलबली मच गई। डीएम ने बिना किसी पूर्व सूचना के यूपीएस धोबहा, यूपीएस अमृतागंज, पीएस अमृतापुर और पीएस अमृतागंज पहुंचकर शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को परखा।

इस दौरान उनके साथ जिला पंचायत राज अधिकारी विशाल सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी भारत प्रसाद भी मौजूद रहे। निरीक्षण का उद्देश्य केवल कागजी रिपोर्ट नहीं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, परीक्षा की गुणवत्ता, मिड-डे मील, साफ-सफाई और अनुशासन की वास्तविक स्थिति जानना था।

कॉपियां पलटीं, बच्चों से सवाल किए… गंदगी देखकर भड़कीं डीएम
यूपीएस धोबहा में उस समय गणित की अर्धवार्षिक परीक्षा चल रही थी। डीएम ने कक्षा में पहुंचकर बच्चों की उत्तर पुस्तिकाएं बारीकी से देखीं, सवालों का स्तर परखा और बच्चों से सीधे प्रश्न पूछकर उनकी समझ का आकलन किया।
इसके बाद डीएम ने मिड-डे मील की गुणवत्ता की जांच की, लेकिन विद्यालय परिसर की हालत देखकर वह नाराज़ हो गईं। फर्श पर गंदगी, लंबे समय से न लगी झाड़ू, टूटी हुई टोटियां और साफ-सफाई में लापरवाही साफ नजर आई। डीएम ने इसे गंभीर चूक मानते हुए प्रधानाध्यापिका सुमनलता को तत्काल नोटिस जारी करने और स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।

डीएम ने स्पष्ट कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और स्वच्छ वातावरण से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एक शिक्षक, पूरी व्यवस्था—डीएम ने की खुलकर तारीफ
इसके बाद डीएम यूपीएस अमृतागंज पहुंचीं, जहां कला की परीक्षा चल रही थी। बच्चे पूरे मनोयोग से प्लेन पेपर पर अपनी कल्पनाओं को रंगों और रेखाओं के जरिए उकेर रहे थे।
विद्यालय में 209 बच्चों का नामांकन है, जिनमें से 195 बच्चे उपस्थित मिले। बच्चों का अधिगम स्तर संतोषजनक पाया गया। सबसे खास बात यह रही कि विद्यालय को एकमात्र शिक्षक संतोष कुमार वर्मा बेहद अनुशासन और व्यवस्था के साथ संचालित कर रहे थे।

शिक्षक की मेहनत, समर्पण और विद्यालय प्रबंधन से प्रभावित होकर डीएम ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि शिक्षक संतोष कुमार वर्मा को प्रशंसा पत्र जारी किया जाए। डीएम ने कहा कि ऐसे शिक्षक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं।

दाल में पोषण बढ़ाने के निर्देश, पढ़ाई पर भी रही पैनी नजर
पीएस अमृतापुर में डीएम ने मध्यान्ह भोजन का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को परोसी जा रही दाल की गुणवत्ता को परखा और उसमें पोषण बढ़ाने के लिए बथुआ जैसी हरी सब्जी मिलाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही डीएम ने बच्चों की कॉपियां देखकर उनकी शैक्षिक स्थिति की समीक्षा की और शिक्षकों को नियमित रूप से बच्चों के सीखने के स्तर पर ध्यान देने के निर्देश दिए।

बच्चों से स्नेह, सवालों से परख
पीएस अमृतागंज में बच्चे भोजन करते मिले। डीएम ने बच्चों से आत्मीयता से बातचीत की, भोजन वितरण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली और उसके बाद कक्षा में पहुंचकर गणित की कॉपियां देखीं।
छात्र रवि को बुलाकर डीएम ने जोड़-घटाना, गुणा और भाग से जुड़े सवाल पूछे, जिनका बच्चे ने आत्मविश्वास के साथ उत्तर दिया। डीएम ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि जिन बच्चों का अधिगम स्तर कमजोर है, उन पर विशेष ध्यान दिया जाए और अतिरिक्त अभ्यास कराया जाए।

डीएम का दो टूक संदेश
निरीक्षण के अंत में डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि
“परिषदीय विद्यालयों में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। साफ-सफाई, पोषण और पढ़ाई—तीनों में गुणवत्ता अनिवार्य है। वहीं जो शिक्षक ईमानदारी से मेहनत कर रहे हैं, उनका सम्मान और प्रोत्साहन जरूर किया जाएगा।”

डीएम का यह ‘रियलिटी चेक’ न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था के लिए चेतावनी है, बल्कि ईमानदार और समर्पित शिक्षकों के लिए प्रेरणा भी।

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