March 2, 2026

ज़िले में मिसाल बने बीएलओ—लोकतांत्रिक व्यवस्था के सच्चे सेनानियों का हुआ सम्मान

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ज़िले में मिसाल बने बीएलओ—लोकतांत्रिक व्यवस्था के सच्चे सेनानियों का हुआ सम्मान

लखीमपुर खीरी में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत बीएलओ द्वारा किए गए शत-प्रतिशत और गुणवत्तापूर्ण कार्य ने जिले का मान बढ़ाया है। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देश पर सभी तहसीलों में सम्मान समारोह आयोजित किए गए, जहाँ इन कर्मठ बीएलओ को लोकतंत्र की नींव मजबूत करने वाला असली योद्धा बताया गया। प्रशासन का कहना है कि मतदाता सत्यापन का कार्य सबसे चुनौतीपूर्ण होता है, और इसे सफलतापूर्वक पूरा करने वाले बीएलओ वास्तव में लोकतंत्र के प्रहरी हैं।

लखीमपुर विधानसभा में एसडीएम अश्विनी कुमार सिंह ने पूनम अवस्थी, बल सिंह यादव और अमित कुमार तिवारी को सम्मानित किया। इसी तरह श्रीनगर विधानसभा में एसडीएम अर्चना ओझा ने श्वेता मिश्रा, सुनील कुमार और पदमा पांडे को शत-प्रतिशत SIR कार्य पूरा करने पर सम्मान पत्र प्रदान किया। दोनों तहसीलों में अधिकारियों ने कहा कि जमीनी स्तर पर किए गए अच्छे कार्य से चुनावी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनती है।

मोहम्मदी विधानसभा के बीएलओ ने इस बार उत्कृष्टता की एक नई मिसाल कायम की। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम मोहम्मदी ने बूथ 125 की बीएलओ श्रीमती सोनिया, बूथ 209 के आमिर खान और बूथ 11 के सरनाम सिंह को उत्कृष्ट मैपिंग और उच्च गुणवत्ता वाले कार्य के लिए सम्मानित किया। इन सभी को सर्टिफिकेट, शॉल और उपहार देकर सराहना की गई। अधिकारियों ने कहा कि उनका कार्य अन्य बीएलओ के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

विधानसभा गोला गोकर्णनाथ में एसडीएम प्रतीक्षा त्रिपाठी ने सोमवारी लाल, मनीषा देवी और हसीब खां को सम्मानित किया। धौरहरा में एसडीएम शशिकांत मणि ने पवन कुमार, शैलेन्द्र कुमार और पंकज कुमार के बेहतरीन कार्य की सराहना की। कस्ता विधानसभा में एसडीएम मधुसूदन गुप्ता ने राजेश कुमार, फिरोज अख्तर खान और अब्दुल सत्तार खां को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। इन सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता का प्रदर्शन करते हुए प्रशासन का भरोसा जीता।

पलिया तहसील में बूथ 10 की राजमती, बूथ 29 के रामफूल राना और बूथ 32 की सावित्री राना को SIR कार्य शत-प्रतिशत पूरा करने पर सम्मान मिला। प्रशासन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन करना आसान कार्य नहीं होता, लेकिन इन बीएलओ ने कठिन परिस्थितियों में भी उत्कृष्टता के साथ यह ज़िम्मेदारी निभाई।

इन सभी बीएलओ के सम्मान ने जिले में सकारात्मक माहौल बनाया है। यह कार्यक्रम सिर्फ सम्मान का माध्यम नहीं, बल्कि मेहनती कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने का बड़ा कदम भी है। प्रशासन का यह प्रयास पूरे जिले के लिए प्रेरणा बना है कि जो कर्मचारी निष्ठा, ईमानदारी और लगन से कार्य करते हैं, उनका सम्मान हर स्तर पर होना चाहिए।

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