March 2, 2026

मलेरिया उन्मूलन की दिशा में बड़ी पहल: लखीमपुर खीरी में स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की संवर्द्धन कार्यशाला

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मलेरिया उन्मूलन की दिशा में बड़ी पहल: लखीमपुर खीरी में स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की संवर्द्धन कार्यशाला

लखीमपुर खीरी।
प्रदेश को वर्ष 2030 तक मलेरिया मुक्त बनाने के लक्ष्य को मजबूत आधार देने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्त्वपूर्ण और व्यापक संवर्द्धन कार्यशाला की शुरुआत की है। यह कार्यशाला न केवल मलेरिया की रोकथाम और नियंत्रण को गति देने के लिए आयोजित की जा रही है, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता को भी मजबूत बनाने का प्रयास है।

प्रदेश सरकार द्वारा मलेरिया उन्मूलन को शीर्ष प्राथमिकताओं में रखा गया है। इसी दिशा में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संतोष गुप्ता के निर्देशन में जिले के सभी ब्लॉकों में आशा, आशा संगिनी, एएनएम और बीएचडब्ल्यू कार्यकर्ताओं का संवर्द्धन रोस्टर के अनुसार किया जा रहा है।

कार्यशाला में दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण

कार्यशाला के दौरान जिला मलेरिया अधिकारी, मलेरिया एवं फाइलेरिया निरीक्षक, एआरओ और बीसीपीएम द्वारा जमीनी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को—

  • मलेरिया के लक्षणों की पहचान,

  • बचाव के तरीके,

  • रोकथाम संबंधी उपाय,

  • और समय पर उपचार की प्रक्रिया

के बारे में गहन जानकारी दी जा रही है।

इसी के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात लैब तकनीशियन और सहायकों द्वारा आरडीटी किट के उपयोग और रक्त पतिका संग्रहण की विधि पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को 10 आरडीटी किट उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि गांवों में तुरंत जांच की सुविधा सुनिश्चित की जा सके।

गांव स्तर पर त्वरित पहचान और उपचार पर जोर

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य मलेरिया की गांव और समुदाय स्तर पर रोकथाम, तत्काल पहचान, और समयबद्ध उपचार सुनिश्चित करना है। विभाग का मानना है कि यदि प्राथमिक स्तर पर जागरूकता और जांच तंत्र मजबूत रहता है, तो मलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को तय समय से भी पहले हासिल किया जा सकता है।

अभियान को मिल रहा है नया आयाम

भविष्य में स्वास्थ्यकर्मियों को और अधिक प्रशिक्षित करने, आधुनिक जांच तकनीक उपलब्ध कराने और जनजागरूकता कार्यक्रमों को तेज करने की योजना भी तैयार है। यह व्यापक प्रयास जिले को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम माना जा रहा है।

जिला स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मलेरिया उन्मूलन सिर्फ सरकारी अभियान नहीं, बल्कि सामुदायिक भागीदारी का भी विषय है। हर नागरिक की सजगता और स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता मिलकर ही इस बीमारी को जड़ से खत्म कर सकती है।

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