March 2, 2026

निघासन मेले में भव्य सामूहिक विवाह, सात जोड़ों ने लिए सात फेरे

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निघासन मेले में भव्य सामूहिक विवाह, सात जोड़ों ने लिए सात फेरे
नीरज कुमार-ब्यूरो चीफ लखीमपुर खीरी

लखीमपुर खीरी। निघासन के झंडी रोड स्थित नंदीश्वर बाबा परिसर में इस वर्ष आयोजित श्री रामलीला मेले ने एक बार फिर सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों की मिसाल पेश की। बुधवार को मेले में सामूहिक विवाह कार्यक्रम बड़े ही भव्य और सुगठित रूप में आयोजित किया गया, जिसमें क्षेत्र के सात जोड़ों ने वैदिक रीति-रिवाजों के बीच अग्नि को साक्षी मानकर एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और सात जन्मों का साथ निभाने का प्रण लिया।

पूरे पंडाल में मंगल गीत, शहनाई की धुन और अपार उल्लास का वातावरण बना रहा। नवविवाहित जोड़ों और उनके परिजनों के चेहरों पर नई जिंदगी की खुशियों की चमक साफ दिखाई दे रही थी। रिश्तेदारों, ग्रामवासियों और स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों की भारी भीड़ ने इस पवित्र क्षण को साक्षी बनकर नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया।

रामलीला मेला आयोजन समिति ने सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हुए प्रत्येक नवदंपति को घरेलू उपयोग की आवश्यक सामग्रियां उपहारस्वरूप प्रदान कीं, ताकि उनके वैवाहिक जीवन की शुरुआत मजबूत और सुखद हो सके। समिति के इस प्रयास को लोगों ने बेहद सराहनीय बताया।

कार्यक्रम में पहुंचे निघासन विधायक शशांक वर्मा ने भी आयोजन की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि निघासन मेले की सबसे विशिष्ट परंपरा यही है कि यहां हर वर्ष जरूरतमंद और गरीब परिवारों की कन्याओं का विवाह बड़े सम्मान और गरिमा के साथ कराया जाता है। ऐसा सामाजिक सहयोग और आयोजन दुर्लभ है, जो अन्य मेलों में कम ही देखने को मिलता है।

स्थानीय लोगों ने कहा कि यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम समाज में समानता, सहयोग और एकता का संदेश देता है। उन्होंने मेला समिति के निरंतर प्रयासों को प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की अपेक्षा व्यक्त की।

निघासन का यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम न केवल परिवारों के जीवन में सुखद शुरुआत लेकर आया, बल्कि समाज में पारिवारिक, धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को भी नए रूप में स्थापित करने का संदेश दे गया।

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