लखीमपुर खीरी, 23 दिसंबर।
जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाने और यातायात नियमों के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार को विकास भवन स्थित स्वामी विवेकानंद सभागार में जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल एवं पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की एक हाईलेवल बैठक आयोजित की गई। बैठक का संयोजन एवं संचालन पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड (तृतीय) के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार यादव द्वारा किया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग, ओवरहाइट वाहनों, बिना सीटबेल्ट और बिना हेलमेट वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि नियमों की अनदेखी करने वालों पर कोई ढिलाई न बरती जाए और विशेष प्रवर्तन अभियान चलाकर अधिक से अधिक चालान किए जाएं। बैठक में अब तक की गई प्रवर्तन कार्रवाई और चालानों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान एआरटीओ शांति भूषण पांडेय ने बताया कि जिले में प्रवर्तन की कार्रवाई लगातार की जा रही है।
डीएम ने जिले में मौजूद घुमावदार मार्गों और ब्लाइंड स्पॉट्स की पहचान कर वहां से कम से कम सौ मीटर पहले चेतावनी संकेतक (साइनेज) लगाए जाने के निर्देश दिए। साथ ही चीनी मिल क्षेत्रों में वाहन प्रबंधन को लेकर गन्ना विभाग एवं चीनी मिल प्रबंधन को आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा गया।
गन्ना ढुलाई के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिलाधिकारी ने सभी चीनी मिल प्रबंधन को निर्देशित किया कि गन्ना लदे वाहनों पर शत-प्रतिशत लाल कपड़ा और रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि चीनी मिलें ग्राम स्तर पर किसानों को जागरूक करें और आवश्यक सामग्री का वितरण सुनिश्चित करें। इसके लिए माइक्रो प्लानिंग तैयार कर प्रभावी ढंग से जमीन पर क्रियान्वयन करने के निर्देश भी दिए गए।
सड़क की विजिबिलिटी और सुरक्षा को बेहतर बनाए रखने के लिए डीएम ने जिले की सभी सड़कों के किनारे उगने वाली घास और झाड़ियों की नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही विद्युत विभाग को सैगिंग (ढीली) विद्युत तारों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा गया। अधिकारियों ने बताया कि शिकायत मिलते ही इस दिशा में त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
जिलाधिकारी ने स्कूली बच्चों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूल रोड सेफ्टी क्लबों को सक्रिय करने, एनसीसी और स्काउट-गाइड के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने और “नो हेलमेट, नो फ्यूल” नीति को प्रभावी रूप से लागू करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को इन बिंदुओं पर की गई कार्रवाई की एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के विश्लेषण, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान, स्कूली वाहनों के मानकों की जांच, सड़क मरम्मत, ड्रेनेज कार्य, पुल एवं तटबंधों की सुरक्षा, वाहन प्रबंधन, शहरी चौराहों पर अतिक्रमण की समस्या तथा सड़क सुरक्षा मित्र एवं राजवीर योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता को प्रशासनिक एवं प्राइवेट पार्टिसिपेशन के माध्यम से ट्रॉमा केयर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने, वल्नरेबल पॉइंट्स से नजदीकी अस्पतालों को मैप करने और एम्बुलेंस के रिस्पांस टाइम में सुधार लाने के निर्देश दिए गए।
इनकी रही मौजूदगी :
बैठक में एआरटीओ शांति भूषण पांडेय, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी अनिल कुमार यादव, तरुणेन्द्र त्रिपाठी, के.के. झा, शुभ नारायण, सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता, एआरएम रोडवेज लखीमपुर, एनएचएआई के इंजीनियर, डीआईओएस सहित जिला सड़क सुरक्षा समिति के सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में डीएम-एसपी ने स्पष्ट संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आमजन की जान की सुरक्षा के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से जिम्मेदारी निभाएं।
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