आईपीआर विषय पर एमएसएमई की कार्यशाला सम्पन्न, उद्यमियों को नवाचार की सुरक्षा का दिया गया संदेश
रिपोर्टिंग : गोपाल शुक्ला
हरदा | 24 दिसंबर 2025
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को नवाचार, ब्रांड और तकनीकी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से इंटेलक्चुअल प्रॉपर्टी राइट (आईपीआर) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत एमएसएमई विकास कार्यालय इंदौर द्वारा जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र हरदा, लघु उद्योग भारती हरदा इकाई, आईपीएफसी आईआईटी इंदौर तथा सीएसआईआर–एम्प्री भोपाल के सहयोग से मंगलवार को होटल रुद्राक्ष पैलेस में सम्पन्न हुई।
कार्यशाला में हरदा जिले से 110 से अधिक एमएसएमई इकाइयों के संचालकों एवं उनके प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारम्भ कलेक्टर सिद्धार्थ जैन द्वारा किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर जैन ने उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धा के युग में केवल उत्पाद तैयार करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके नवाचार, डिज़ाइन और ब्रांड की सुरक्षा भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक उद्यमी अपने उत्पाद को अपनी संपत्ति समझे और उसकी सुरक्षा के लिए इंटेलक्चुअल प्रॉपर्टी राइट का प्रभावी उपयोग करे।
कलेक्टर जैन ने “मेक इन इंडिया” के साथ-साथ “प्रोटेक्ट इंडिया” की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि जब तक हमारे नवाचार सुरक्षित नहीं होंगे, तब तक वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती संभव नहीं है। उन्होंने उद्यमियों से आईपीआर से संबंधित नियमों, प्रक्रियाओं और लाभों का अध्ययन करने तथा समय रहते पंजीकरण कराने की अपील की।
कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अभय जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और आईपीआर की समझ से उद्यमी अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।
कार्यशाला के दौरान इंदौर से पधारे सहायक निदेशक गौरव गोयल ने एमएसएमई मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं, अनुदान एवं सहायता कार्यक्रमों की जानकारी दी। जिला उद्योग केंद्र हरदा की महाप्रबंधक सुश्री मेघा सुमन ने राज्य सरकार की एमएसएमई योजनाओं, प्रोत्साहन नीतियों और सुविधाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं सीएसआईआर–एम्प्री भोपाल की प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. अलका मिश्रा ने नवीन तकनीकों, अनुसंधान और उद्योग–शोध संस्थानों के सहयोग पर जानकारी साझा की।
आईपीआर विशेषज्ञ अंकित गुप्ता ने पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट एवं डिज़ाइन रजिस्ट्रेशन जैसे विषयों पर विस्तृत और व्यवहारिक जानकारी देकर उद्यमियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक विकास द्वारा किया गया। कार्यशाला में एमपीआईडीसी उज्जैन एवं इंडिया पोस्ट के प्रतिनिधियों द्वारा भी उद्योगों से संबंधित सेवाओं और सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई।
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष दर्शन सिंह गेहलोत, जिला उद्योग संघ अध्यक्ष संदीप पटेल सहित अनेक उद्योग प्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यशाला को उद्यमियों ने अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।
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