March 2, 2026

युवराज दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय युवा दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित

Share करें

युवराज दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय युवा दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित

लखीमपुर खीरी।
युवराज दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय, लखीमपुर खीरी में दिनांक 12 जनवरी 2026 (सोमवार) को स्वामी विवेकानंद जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर एक विशेष शैक्षिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11:30 बजे हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत बीज वक्तव्य के साथ हुई, जिसे डॉ. सौरभ वर्मा ने प्रस्तुत किया। इसके पश्चात “AI for All” विषय पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. अजय वर्मा एवं धर्म नारायण ने संयुक्त रूप से विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की वर्तमान उपयोगिता, भविष्य की संभावनाओं तथा युवाओं के लिए इसके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनने के लिए प्रेरित किया।

इसके उपरांत स्वामी विवेकानंद जी के जीवन-दर्शन पर डॉ. सुभाष चंद्रा ने संक्षिप्त किंतु प्रभावशाली वक्तव्य दिया। उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण के मार्ग पर अग्रसर होने का संदेश देते हुए स्वामी विवेकानंद के विचारों को जीवन में आत्मसात करने की अपील की।

कार्यक्रम के विशेष सत्र में वनस्पति विज्ञान विभाग के शिक्षक सतेन्द्र पाल सिंह ने रेड रिबन क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों को HIV/AIDS विषय पर जागरूक किया। उन्होंने इस गंभीर बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों, संक्रमण के कारणों, बचाव के उपायों तथा समाज में संवेदनशीलता और जागरूकता की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. हेमंत पाल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद का चिंतन आज भी युवाओं के लिए पथप्रदर्शक है। उन्होंने कहा कि AI जैसे आधुनिक विषयों के साथ सामाजिक जागरूकता को जोड़ना समय की मांग है। प्राचार्य ने सभी वक्ताओं, आयोजकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का संयोजन एवं समन्वयन डॉ. सौरभ वर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर एन.एस.एस., रोवर्स-रेंजर्स, एन.सी.सी. वॉलंटियर्स, बी.एड. प्रशिक्षु, महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

About The Author