March 2, 2026

खीरी में उत्साह, उल्लास और उमंग के साथ मनाया गया पूर्व सैनिक दिवस, वीर नारियों व पदक विजेता सैनिकों का हुआ सम्मान

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खीरी में उत्साह, उल्लास और उमंग के साथ मनाया गया पूर्व सैनिक दिवस, वीर नारियों व पदक विजेता सैनिकों का हुआ सम्मान

लखीमपुर खीरी, 14 जनवरी।
जिले में सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस उत्साह, उल्लास और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। जिला प्रशासन के तत्वावधान में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और शहीद परिवारों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट की गई। कार्यक्रम का आयोजन जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय परिसर में किया गया, जहां जिलेभर से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम से पूर्व जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने अमर जवान स्मारक पहुंचकर देश की रक्षा करते हुए बलिदान देने वाले कारगिल शहीदों को पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूत सदैव राष्ट्र के गौरव रहेंगे।

मुख्य कार्यक्रम में जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने अपर जिलाधिकारी नरेंद्र बहादुर सिंह एवं जिला सैनिक कल्याण पुनर्वास अधिकारी विंग कमांडर धनंजय प्रसाद के साथ मिलकर वीर नारी शांति रावत, ऑनररी कैप्टन संतोष सिंह (सेना मेडल) सहित दस वरिष्ठ पदक विजेता एवं पूर्व सैनिकों को शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान पाकर पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के चेहरे पर गर्व और आत्मसम्मान की झलक साफ दिखाई दी।

जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने भारतीय सशस्त्र बल वेटरन दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूर्व सैनिक देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं और पूरा राष्ट्र उनके साहस, अनुशासन और बलिदान पर गर्व करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों का योगदान केवल सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी उनका अमूल्य योगदान रहा है। वीर नारियों का त्याग और समर्पण अतुलनीय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

डीएम ने कहा कि पूर्व सैनिक दिवस वर्ष 2017 से प्रतिवर्ष 14 जनवरी को मनाया जा रहा है। यह दिन सेवानिवृत्त एवं सेवारत सैनिकों तथा नागरिक समाज के बीच सौहार्द और सम्मान की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यह दिवस उन वीर योद्धाओं को स्मरण करने और सम्मानित करने के लिए समर्पित है, जिन्होंने निस्वार्थ भाव से देश की सेवा की और अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

इस अवसर पर जिला सैनिक कल्याण पुनर्वास अधिकारी विंग कमांडर धनंजय प्रसाद ने बताया कि भारतीय सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा ओबीई का 14 जनवरी 1953 को सेवानिवृत्त होना इस दिवस के चयन का आधार है। उनके अद्वितीय योगदान को स्मरण करने और सम्मान देने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों, शहीदों के परिजनों (एनओके) और वीर नारियों के कल्याण के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूत करना है।

कार्यक्रम के समापन के बाद उपस्थित पूर्व सैनिकों एवं अतिथियों को श्रीअन्न आधारित पौष्टिक व्यंजन परोसे गए, जिनमें कोदो की स्वादिष्ट खिचड़ी, रागी का हलवा एवं अंकुरित मेथी का सलाद शामिल रहा। कार्यक्रम ने न केवल देशभक्ति की भावना को सशक्त किया, बल्कि पूर्व सैनिकों के सम्मान और उनके प्रति समाज की कृतज्ञता को भी सुदृढ़ किया।

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