मातृ शक्ति जागरण का भव्य आयोजन: सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम से नारी चेतना को मिली नई दिशा 🌸🔥
लखीमपुर खीरी। सनातन धर्म सरस्वती विद्या मन्दिर बालिका इंटर कॉलेज, मिश्राना में आज मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को विद्या भारती योजनानुसार “सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम” का भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मातृ शक्ति के जागरण, नारी चेतना और सामाजिक सहभागिता को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्या भारती की अखिल भारतीय मंत्री श्रीमती डॉ. मधुश्री साव जी ने की। मुख्य वक्ता के रूप में श्रीमती डॉ. अंशू वर्मा (प्रवक्ता, युवराज दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय) एवं श्रीमती सुमन श्रीवास्तव (प्रधानाचार्य, रवि मेमोरियल स्कूल) उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस पावन अवसर पर कार्यक्रम अध्यक्षा डॉ. मधुश्री साव जी, श्रीमती निधि द्विवेदी जी, डॉ. अंशू वर्मा जी, श्रीमती सुमन श्रीवास्तव जी, विद्यालय प्रबंध समिति के प्रबंधक श्री चन्द्रभूषण साहनी जी, सदस्य श्रीमती नूतन गुप्ता जी, श्रीमती ममता अग्रवाल जी, सी.ए. श्री अमित गुप्ता जी एवं विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती शिप्रा बाजपेई जी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया।
कार्यक्रम की प्रस्तावना क्षेत्रीय संयोजिका सप्तशक्ति संगम, श्रीमती निधि द्विवेदी जी ने प्रस्तुत की। मंचासीन अतिथियों का परिचय विद्यालय की उपप्रधानाचार्या डॉ. सीमा मिश्रा जी ने कराया, जबकि कार्यक्रम का सुचारु संचालन आचार्या श्रीमती अनुराधा दुबे जी द्वारा किया गया। कार्यक्रम का कुशल संयोजन श्रीमती प्रीती अग्रवाल एवं श्रीमती पूजा गुप्ता ने किया।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. मधुश्री साव जी ने नारी की सप्तशक्तियों के जागरण पर जोर देते हुए कहा कि नारी की वाणी में सकारात्मकता होनी चाहिए, क्योंकि वही परिवार, समाज और राष्ट्र को दिशा देती है। उन्होंने माताओं से आत्मबल, संस्कार और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
डॉ. अंशू वर्मा जी ने भारत के विकास में महिलाओं की ऐतिहासिक एवं वर्तमान भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नारी शक्ति के बिना राष्ट्र निर्माण की कल्पना अधूरी है। वहीं श्रीमती सुमन श्रीवास्तव जी ने कुटुम्ब प्रबोधन विषय पर विचार रखते हुए कहा कि परिवार समाज की मूल इकाई है और परिवार से ही राष्ट्र का निर्माण होता है। उन्होंने कहा— “सब एक के लिए, एक सब के लिए” का भाव कुटुम्ब से ही उत्पन्न होता है। कुटुम्ब प्रबोधन ही स्वस्थ भारत की आधारशिला है और परिवार की धुरी एक स्त्री होती है, जो पूरे परिवार को एक सूत्र में बांधे रखती है और परंपराओं को जीवंत बनाए रखती है।
कार्यक्रम में माताओं द्वारा रानी चेन्नमा, रानी लक्ष्मीबाई, माता शबरी, अहिल्याबाई, लता मंगेशकर, किरण बेदी जैसी महान विभूतियों के स्वरूप धारण कर प्रस्तुतिकरण किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रेरित किया।
इस अवसर पर समाज की आठ विशिष्ट माताओं—
श्रीमती मयूरी नागर, श्रीमती कुमकुम गुप्ता, डॉ. शालू गुप्ता, श्रीमती संतोष कुमारी शुक्ला, डॉ. नेहा सिंहई, श्रीमती मधुरिमा श्रीवास्तव, श्रीमती रेनू जी एवं श्रीमती रूचि जी—को उनके विशिष्ट सामाजिक कार्यों के लिए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
नारी की सामाजिक सहभागिता से संबंधित प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन आचार्या श्रीमती शिवि गुप्ता जी द्वारा किया गया, जिसमें माताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में सीतापुर सम्भाग निरीक्षक श्री सुरेश सिंह जी की गरिमामयी उपस्थिति भी रही।
अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती शिप्रा बाजपेई जी ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों, वन्दनीय माताओं एवं सहभागियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।
यह सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम मातृ शक्ति को जागृत करने, नारी गौरव को सुदृढ़ करने और समाज को सकारात्मक दिशा देने वाला प्रेरणास्रोत बनकर उभरा। 🌺
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