February 28, 2026

जालौन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का लघु सेवा शिविर आयोजित, ग्रामीणों को मिली निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी

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जालौन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का लघु सेवा शिविर आयोजित, ग्रामीणों को मिली निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी

जालौन। जनपद जालौन के विकास खण्ड जालौन के सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में एक लघु सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता, उनके कानूनी अधिकारों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, सफाई कर्मी, क्षेत्रीय कर्मचारी तथा नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

शिविर की शुरुआत अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलन और स्वागत संबोधन के साथ हुई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधियों ने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को न्याय सुलभ कराने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति, श्रमिक, महिलाएं, बच्चे, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग, वरिष्ठ नागरिक तथा दिव्यांगजन निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने के पात्र हैं।

अधिकारियों ने विस्तार से समझाया कि यदि किसी व्यक्ति को न्यायालय में वकील की आवश्यकता है लेकिन वह आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है, तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उसके लिए निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराता है। इसके अतिरिक्त, पारिवारिक विवाद, भूमि विवाद, श्रम संबंधी समस्याएं, महिला उत्पीड़न, भरण-पोषण, घरेलू हिंसा जैसे मामलों में भी विधिक परामर्श और सहायता दी जाती है।

शिविर में उपस्थित लोगों को ‘लीगल सर्विस’ के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि न्याय केवल अदालत तक सीमित नहीं है, बल्कि समझौता, मध्यस्थता और लोक अदालत के माध्यम से भी त्वरित समाधान संभव है। लोक अदालतों में आपसी सहमति से मामलों का निस्तारण कम समय और कम खर्च में किया जा सकता है। इससे न्यायिक प्रक्रिया सरल और सुलभ बनती है।

कार्यक्रम के दौरान भूमि एवं बालू संरक्षण, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, पेंशन योजनाएं, श्रमिक पंजीकरण, छात्रवृत्ति योजनाएं तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही कई योजनाएं केवल जानकारी के अभाव में पात्र लोगों तक नहीं पहुंच पातीं। ऐसे शिविरों का उद्देश्य इसी अंतर को कम करना है।

किशोर न्याय अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी प्रकाश डाला गया। अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई बालक कानून के साथ संघर्ष की स्थिति में आता है, तो उसके लिए विशेष प्रावधान हैं। बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना समाज और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सक्रिय भूमिका निभाता है।

शिविर में आए ग्रामीणों ने अपने-अपने प्रश्न भी पूछे, जिनका अधिकारियों ने सरल और स्पष्ट भाषा में उत्तर दिया। कई लोगों ने भूमि विवाद, पेंशन संबंधी समस्याएं, घरेलू विवाद तथा श्रमिक पंजीकरण से जुड़े मुद्दों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जिन मामलों में विस्तृत कार्यवाही की आवश्यकता होगी, उनमें आगे भी सहायता प्रदान की जाएगी।

कार्यक्रम में मौजूद ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गांव स्तर पर इस प्रकार के शिविरों से लोगों में जागरूकता बढ़ती है। उन्होंने अनुरोध किया कि भविष्य में भी नियमित रूप से ऐसे आयोजन किए जाएं ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।

अधिकारियों ने उपस्थित नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों को भी विधिक सहायता के बारे में जानकारी दें। साथ ही बताया गया कि दिनांक 22 फरवरी 2024 (रविवार) को आयोजित होने वाले मेगा शिविर में अधिक विभागों की सहभागिता रहेगी, जहां विभिन्न योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाए जाएंगे। पात्र व्यक्ति आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर मौके पर ही जानकारी और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने कहा कि न्याय और अधिकारों की जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना ही विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य है। इस लघु सेवा शिविर ने ग्रामीणों को न केवल कानूनी जानकारी दी, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग और जागरूक भी बनाया।

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