31 दिसंबर तक किसान करा सकते हैं फसलों का बीमा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को बड़ी राहत
सीडीओ अभिषेक कुमार ने बैंकर्स संग बैठक कर दिए सख्त निर्देश
गेहूँ, मसूर व लाही-सरसो फसलों पर मात्र 1.5 प्रतिशत प्रीमियम में मिलेगा बीमा लाभ
लखीमपुर खीरी, 17 दिसंबर।
प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की मार से किसानों की फसलों को सुरक्षित करने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के अंतर्गत जिले के किसान 31 दिसंबर तक अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। जिले के ऋणी एवं गैर-ऋणी किसान भाई समय रहते योजना से जुड़कर अपनी फसलों को सुरक्षा कवच प्रदान कर सकते हैं।
इस संबंध में विकास भवन स्थित स्वामी विवेकानंद सभागार में बैंकर्स के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार ने की। बैठक में सीडीओ ने बैंक प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसानों के हित से जुड़ी इस योजना में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
सीडीओ अभिषेक कुमार ने कहा कि जिले में अधिसूचित फसल गेहूँ, मसूर एवं लाही-सरसो के लिए किसान न्यूनतम प्रीमियम दर पर फसल बीमा करा सकते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में योजना से जुड़कर इसका लाभ उठाएं और अपनी मेहनत की फसल को जोखिम से सुरक्षित करें।
मात्र 1.5 प्रतिशत प्रीमियम में मिलेगा फसल बीमा
सीडीओ ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को बीमित राशि का मात्र 1.5 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा। इसके तहत
- गेहूँ के लिए ₹1326 प्रति हेक्टेयर
- लाही-सरसो के लिए ₹776 प्रति हेक्टेयर
- मसूर के लिए ₹819 प्रति हेक्टेयर
प्रीमियम निर्धारित किया गया है।
इस अल्प प्रीमियम पर किसान प्राकृतिक आपदा, मौसमीय जोखिम, रोग एवं कीट प्रकोप से होने वाले नुकसान से सुरक्षित रहेंगे।
बैंकर्स को दिए सख्त निर्देश
सीडीओ अभिषेक कुमार ने बैंकर्स को निर्देशित किया कि सभी ऋणी किसानों से सहमति प्राप्त कर उनका फसल बीमा अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। वहीं, गैर-ऋणी किसानों को भी योजना से जोड़ने के लिए सभी बैंक शाखाओं में आवश्यक दस्तावेजों एवं प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
सीडीओ ने समीक्षा के दौरान बताया कि अब तक बैंक स्तर से केवल 4000 पॉलिसियां ही क्रिएट की गई हैं। केसीसी धारक किसानों के उपलब्ध डाटा बेस में से मात्र 21 प्रतिशत डाटा पर ही निर्णय लिया गया है, जबकि शेष 71 प्रतिशत डाटा लंबित है। उन्होंने निर्देश दिए कि 25 दिसंबर तक सभी लंबित डाटा पर निर्णय लेकर निस्तारण पूर्ण किया जाए।
किन-किन जोखिमों का मिलेगा बीमा कवर
जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि योजना के अंतर्गत किसानों को अनेक प्रकार के जोखिमों से सुरक्षा प्रदान की जाती है। इसमें
- बुवाई न हो पाना या असफल बुवाई
- फसल की मध्य अवस्था में नुकसान
- प्राकृतिक आपदाओं, कीट एवं रोगों से क्षति
- ओलावृष्टि, जलभराव, बादल फटना, भूस्खलन
- बिजली गिरने से नुकसान
- फसल कटाई के बाद 14 दिनों तक खेत में सुखाई जा रही फसल को ओलावृष्टि, चक्रवात, बेमौसम या चक्रवाती वर्षा से होने वाला नुकसान
शामिल है। ऐसी स्थिति में बीमित कृषकों को क्षतिपूर्ति प्रदान की जाती है।
टोल फ्री नंबर से लें पूरी जानकारी
शासन द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए टोल फ्री नंबर 14447 जारी किया गया है। किसान भाई इस नंबर पर कॉल कर योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही किसी आपदा की स्थिति में 72 घंटे के भीतर इसी नंबर पर सूचना देकर क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
प्रशासन ने जनपद के सभी किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय रहते अपनी फसलों का बीमा कराकर योजना का अधिकतम लाभ उठाएं।
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