March 2, 2026

अन-फीडिंग वर्ल्ड बैंक’ के नाम पर ठगी का खुलासा करने वाले पत्रकार को जान से मारने की धमकी, निघासन में मचा हड़कंप

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अन-फीडिंग वर्ल्ड बैंक’ के नाम पर ठगी का खुलासा करने वाले पत्रकार को जान से मारने की धमकी, निघासन में मचा हड़कंप

निघासन, लखीमपुर खीरी।
जनपद की तहसील निघासन क्षेत्र में भ्रष्टाचार और ठगी के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक निर्भीक पत्रकार को जान से मारने की धमकी दिए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि ‘अन-फीडिंग वर्ल्ड बैंक’ नामक संदिग्ध संस्था के जरिए युवाओं से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह ने पत्रकार को डराने-धमकाने की कोशिश की। इस घटना के बाद न केवल पत्रकारिता जगत में रोष है, बल्कि आमजन में भी भय और आक्रोश का माहौल व्याप्त है।

घर पहुंचकर परिवार से बदसलूकी, धमकी से दहशत

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना कल शाम लगभग 6:30 बजे की है। उस समय पत्रकार घर पर मौजूद नहीं थे। इसी दौरान कुछ अज्ञात लोग नीले रंग की कार (UP32 LS 4252) से उनके आवास पर पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों ने पत्रकार के परिजनों के साथ गाली-गलौज की और साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि ठगी से जुड़े खुलासे बंद नहीं किए गए तो गंभीर अंजाम भुगतने होंगे।
परिजनों के अनुसार, धमकी देने वालों का व्यवहार बेहद आक्रामक था, जिससे परिवार दहशत में आ गया।

सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात

धमकी देने आए आरोपियों की गतिविधियां पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई हैं। इसके अलावा, दुबहा चौराहे पर भी इन्हीं लोगों द्वारा सरेआम धमकी दिए जाने की बात सामने आई है, जहां कई प्रत्यक्षदर्शी मौजूद बताए जा रहे हैं। घटना में प्रयुक्त वाहन की पहचान भी स्पष्ट हो चुकी है, जिससे जांच को मजबूती मिल सकती है।

नौकरी और लोन के नाम पर ठगी का जाल?

बताया जा रहा है कि ‘अन-फीडिंग वर्ल्ड बैंक’ के नाम से लगाए गए बैनरों और पोस्टरों में लोन ऑफिसर के 200 पदों पर भर्ती का विज्ञापन दिया गया है। सूत्रों का दावा है कि यह संस्था बेरोजगार युवाओं को नौकरी और आसान लोन का लालच देकर उनसे मोटी रकम ऐंठ रही है।
इसी संदिग्ध नेटवर्क का पर्दाफाश पत्रकार द्वारा किए जाने के बाद उन्हें निशाना बनाया गया और अब धमकियों का सिलसिला शुरू हो गया है।

पत्रकारिता पर हमला, लोकतंत्र के लिए खतरा

पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है। ऐसे में किसी पत्रकार को उसके कर्तव्य निर्वहन से रोकने की कोशिश न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला भी है। स्थानीय पत्रकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।

पुलिस-प्रशासन से उठी सख्त कार्रवाई की मांग

पीड़ित पत्रकार और उनके सहयोगियों ने प्रशासन से मांग की है कि—

  • सीसीटीवी फुटेज और वाहन संख्या के आधार पर आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।

  • पत्रकार और उनके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।

  • ‘अन-फीडिंग वर्ल्ड बैंक’ के नाम पर चल रहे इस पूरे नेटवर्क की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।

  • ठगी में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

अब प्रशासन की परीक्षा

यह मामला केवल एक पत्रकार की सुरक्षा का नहीं, बल्कि सच बोलने की आज़ादी और आम जनता को ठगी से बचाने का है। अब देखना यह होगा कि पुलिस और प्रशासन इस गंभीर प्रकरण में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है। यदि समय रहते दोषियों पर शिकंजा नहीं कसा गया, तो ऐसे संगठित गिरोहों के हौसले और बुलंद हो सकते हैं।

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