March 2, 2026

पद्मश्री जगदीश जोशीला का आह्वान, मनावर में गूंजा निमाड़ी अस्मिता का स्वर

Share करें

पद्मश्री जगदीश जोशीला का आह्वान, मनावर में गूंजा निमाड़ी अस्मिता का स्वर

अखिल निमाड़ लोक परिषद की महिला इकाई गठित, पिंकी वास्केल बनी तहसील संयोजक

मनावर (म.प्र.) | सरीता पाटीदार की रिपोर्ट

निमाड़ी बोली केवल एक बोली नहीं, बल्कि निमाड़ की पहचान, संस्कृति और आत्मा है। इसकी मिठास, समृद्ध शब्दकोश और सशक्त व्याकरण इसे विशिष्ट बनाते हैं। इसके बावजूद सरकारी उपेक्षा का शिकार रही निमाड़ी बोली को अब अपनी ताकत दिखाने का समय आ गया है। आगामी जनगणना में मातृभाषा के कॉलम में “निमाड़ी” अवश्य लिखें, ताकि सरकार के समक्ष निमाड़ी भाषियों की वास्तविक संख्या और शक्ति सामने आ सके।

यह उद्गार वरिष्ठ साहित्यकार एवं पद्मश्री सम्मानित जगदीश जोशीला ने नगर के बंकनाथ मंदिर परिसर में अखिल निमाड़ लोक परिषद एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “निमाड़ी बोली का विकास और चुनौती” विषयक व्याख्यान में व्यक्त किए।

🥁 ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ भव्य स्वागत

नगर आगमन पर पद्मश्री जोशीला का ढोल-नगाड़ों के साथ आत्मीय स्वागत किया गया। उन्होंने बाबा बंकनाथ का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

🗣️ निमाड़ी बोलने में हीनता नहीं, गर्व हो

अपने प्रेरक संबोधन में जोशीला ने कहा कि देश के विभिन्न अंचलों के लोग अपनी मातृभाषा में संवाद करने पर गर्व महसूस करते हैं, जबकि निमाड़ क्षेत्र में लोग निमाड़ी बोलने में संकोच करते हैं। यह मानसिकता बदलनी होगी। निमाड़ी को दैनिक व्यवहार में अपनाने से ही इसकी संस्कृति, कला, परंपरा और अस्मिता सुरक्षित रह सकेगी।

उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद पहली बार निमाड़ और निमाड़ी की आवाज़ दिल्ली तक पहुंची है। उन्होंने अपना पद्मश्री सम्मान समस्त निमाड़ की जनता को समर्पित करते हुए स्थानीय बोलियों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की सरकारी पहल की सराहना की।

🌸 साहित्य और संस्कृति को मिली नई ऊर्जा

स्वागत भाषण में अखिल भारतीय साहित्य परिषद के महासचिव विश्वदीप मिश्रा ने कहा कि पद्मश्री जोशीला का मनावर आगमन निमाड़ी बोली के साथ-साथ उसकी संस्कृति, कला, वेशभूषा और परंपरा को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करेगा।

कार्यक्रम का संचालन विख्यात कवि एवं अखिल निमाड़ लोक परिषद के प्रांतीय सचिव राम शर्मा ‘परिंदा’ ने किया। उन्होंने निमाड़ी बोली के ऐतिहासिक विकास, संघर्ष और सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। आभार प्रदर्शन तहसील संयोजक रमेश कुशवाहा ने किया।

🤝 विभिन्न संगठनों ने किया स्वागत-अभिनंदन

कार्यक्रम में अनेक सामाजिक, साहित्यिक व शैक्षणिक संगठनों द्वारा पद्मश्री जोशीला का स्वागत किया गया। अखिल निमाड़ लोक परिषद की ओर से उन्हें साफा, शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।

👩‍🦰 अखिल निमाड़ लोक परिषद की महिला इकाई का गठन

कार्यक्रम के दौरान परिषद की महिला इकाई के गठन की घोषणा की गई।
सर्वसम्मति से—

  • पिंकी वास्केल — तहसील महिला संयोजक

  • ममता नामदेव — सहसंयोजक

  • शांति पाटीदार — कोषाध्यक्ष
    मनोनित की गईं।

इस अवसर पर 20 नए सदस्यों ने परिषद की सदस्यता ग्रहण की। सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों व सदस्यों का पद्मश्री जोशीला द्वारा पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया।

🌼 कार्यक्रम में रही उल्लेखनीय उपस्थिति

कार्यक्रम में साहित्यकारों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, कलाकारों, महिलाओं एवं बड़ी संख्या में निमाड़ी प्रेमियों की उपस्थिति रही। पूरा वातावरण निमाड़ी अस्मिता और स्वाभिमान से ओतप्रोत नजर आया।

About The Author