March 2, 2026

लखीमपुर में हिंदू सम्मेलन, वक्ताओं ने समाज को संगठित और जागरूक रहने का दिया संदेश

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लखीमपुर में हिंदू सम्मेलन, वक्ताओं ने समाज को संगठित और जागरूक रहने का दिया संदेश

लखीमपुर खीरी।
रजत लॉन, नौरंगाबाद में आयोजित हिंदू सम्मेलन में समाज के विभिन्न मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई। सम्मेलन का उद्देश्य समाज में एकता, समरसता, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी को सुदृढ़ करना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता देखने को मिली।

सम्मेलन का शुभारंभ हनुमान चालीसा पाठ से हुआ। इसके बाद मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया। कार्यक्रम का संचालन आचार्य संजय मिश्रा ने किया तथा अध्यक्षता संत आचार्य रमाकांत शुक्ला ने की।

मुख्य अतिथि विश्व हिंदू परिषद के समरसता प्रमुख धर्मेंद्र कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में समरसता और आपसी सहयोग से ही राष्ट्र मजबूत बनता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक भेदभाव को समाप्त कर सभी वर्गों को साथ लेकर चलना समय की आवश्यकता है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. ओंकार भारद्वाज ने समाज को संगठित रहने का संदेश देते हुए कहा कि सामाजिक एकता से ही चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जागरूक समाज ही लोकतंत्र की असली ताकत होता है।

मुख्य वक्ता सह विभाग प्रचारक अविनाश ने संगठन की शताब्दी यात्रा का उल्लेख करते हुए सामाजिक दायित्वों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने वृक्षारोपण, जल बचाव, तालाबों और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा पर जोर दिया।

सम्मेलन के समापन अवसर पर आचार्य संजय मिश्रा ने कहा कि समाज को एकजुट रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं से सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोगों में हरिकृष्ण शास्त्री, राधारमण मिश्रा, दीनानाथ झा, वीरेश वर्मा, सूर्य मणि मिश्रा, मोहिनी, अत्री, गोपाल अग्निहोत्री, आलोक शुक्ल, कमलेश वर्मा, बीरेंद्र शुक्ल, शैलेन्द्र, अभिषेक, ऋषभ मिश्रा, योगेंद्र, विधायक योगेश वर्मा, राजकिशोर वर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति शामिल रहे।

सम्मेलन का समापन भारत माता की आरती के साथ हुआ। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य समाज में जागरूकता, संवाद और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है।

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