March 2, 2026

क्षत्रिय राठौड़ तेली समाज बदनावर का 19वाँ सामूहिक विवाह सम्मेलन 4 फरवरी को 744 जोड़ों का विवाह कर समाज ने रचा सामाजिक समरसता का इतिहास

Share करें

क्षत्रिय राठौड़ तेली समाज बदनावर का 19वाँ सामूहिक विवाह सम्मेलन 4 फरवरी को
744 जोड़ों का विवाह कर समाज ने रचा सामाजिक समरसता का इतिहास

संवाददाता: निलेश मालवीय | बदनावर

क्षत्रिय राठौड़ तेली समाज बदनावर द्वारा सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध एवं सादगीपूर्ण विवाह परंपरा को बढ़ावा देने हेतु आयोजित किया जा रहा सामूहिक विवाह सम्मेलन आगामी 4 फरवरी, बसंत पर्व के शुभ अवसर पर भव्य रूप से सम्पन्न होगा। सम्मेलन को लेकर तैयारियाँ जोरों पर हैं।

इसी क्रम में आज स्थानीय होती मैरिज गार्डन, बड़ी चौपाटी बदनावर में विधिविधान से श्रीगणेश पूजन एवं लग्न टीप कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाज के गणमान्यजनों की उपस्थिति में वर-वधु पक्ष को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ लग्न दिए गए। पूजन-अर्चन के दौरान मंगल गीतों और धार्मिक वातावरण ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया।

19 वर्षों की गौरवशाली परंपरा

सामूहिक विवाह सम्मेलन अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश राठौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन अपने 19वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि समाज के वरिष्ठजनों ने लगभग 18 वर्ष पूर्व विवाह में होने वाले फिजूलखर्च पर अंकुश लगाने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर देने के उद्देश्य से सामूहिक विवाह की परंपरा की शुरुआत की थी।

उन्होंने गर्व के साथ बताया कि बीते 18 वर्षों में अब तक कुल 744 जोड़ों का विवाह सामाजिक समरसता और सादगी के साथ सम्पन्न कराया जा चुका है। इस वर्ष कुल 16 जोड़ों का विवाह सामूहिक विवाह सम्मेलन के माध्यम से संपन्न कराया जाएगा। यह समाज के लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि यह आयोजन निरंतर सफलता के साथ आगे बढ़ रहा है।

समाजजनों की सक्रिय सहभागिता

लग्न टीप कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी, वर-वधु पक्ष के परिजन एवं बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक विवाह सम्मेलन को सफल बनाने हेतु तन-मन-धन से सहयोग देने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन श्री राजमल राठौड़ द्वारा किया गया। वहीं सम्मेलन से संबंधित जानकारी मीडिया प्रभारी श्री मोहित राठौड़ ने दी।

सामाजिक संदेश

क्षत्रिय राठौड़ तेली समाज का यह सामूहिक विवाह सम्मेलन न केवल आर्थिक रूप से सशक्त संदेश देता है, बल्कि समाज में समानता, सहयोग, सादगी और सामाजिक एकता का भी अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करता है। 4 फरवरी को होने वाला यह आयोजन निश्चित रूप से बदनावर क्षेत्र के लिए एक प्रेरणादायक और ऐतिहासिक क्षण साबित होगा।

About The Author