“डीएम खीरी की पाठशाला” से बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को मिलेंगे नए पंख
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को धरातल पर उतारने की ऐतिहासिक पहल
लखीमपुर खीरी, 19 जनवरी।
डबल इंजन सरकार के विजन “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” को हर घर और हर बेटी तक पहुंचाने की दिशा में लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन ने एक अनोखी और प्रेरणादायक पहल की है। जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के नेतृत्व में जिले में “डीएम खीरी की पाठशाला” का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य बेटियों की शिक्षा को केवल स्कूल तक सीमित न रखकर घर-घर तक मजबूत आधार देना है।
इस अभिनव पहल के तहत सोमवार को परिषदीय विद्यालयों एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत 9,000 बेटियों को “विद्या दायिनी पोटली” भेंट की गई। इस पोटली में बेटियों को घर पर पढ़ाई के लिए व्हाइट बोर्ड कम स्टडी टेबल, मार्कर और डस्टर उपलब्ध कराए गए, जिससे वे अपने घर में ही एक छोटी-सी पाठशाला स्थापित कर सकें।
बेटियों की शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान
जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि “डीएम खीरी की पाठशाला” का मुख्य उद्देश्य बेटियों को पढ़ाई के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे स्कूल के साथ-साथ घर पर भी नियमित अध्ययन कर सकें। यह पहल बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने कहा कि जब बेटियां घर में पढ़ाई करेंगी, तो परिवार और आस-पड़ोस में भी शिक्षा का सकारात्मक माहौल बनेगा।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप पहले चरण में 9 हजार बेटियों को “विद्या दायिनी पोटली” सौंपी गई है। यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और जिले की हर बेटी तक इसे पहुंचाने का संकल्प लिया गया है।
19 लाख 80 हजार की लागत से तैयार हुई “डीएम खीरी की पाठशाला”
डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने जानकारी दी कि पहले चरण में
- परिषदीय विद्यालयों की 6,798 टॉपर बेटियां,
- वाल ऑफ ड्रीम्स में चयनित 51 बेटियां,
- तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की 2,151 छात्राएं
इस योजना से लाभान्वित हुई हैं।
परिषदीय विद्यालयों में कक्षा 6, 7 और 8 की दो-दो टॉपर बेटियों को यह पोटली दी गई है। कुल 9,000 पोटलियां लगभग 19 लाख 80 हजार रुपये की लागत से तैयार कराई गई हैं, जो “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना के अंतर्गत संचालित की गई हैं।
“विद्या दायिनी पोटली” केवल फर्नीचर नहीं, भविष्य की नींव : डीएम
डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि यह पोटली केवल एक फर्नीचर नहीं, बल्कि बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। शिक्षा के माध्यम से बेटियां न केवल अपने सपनों को साकार करेंगी, बल्कि समाज को भी नई दिशा देंगी।
कार्यक्रम में उपस्थित विधायक सदर योगेश वर्मा ने कहा कि डीएम की दूरदर्शिता और सक्रिय नेतृत्व ने जिले में बेटियों की शिक्षा को नई ऊर्जा दी है। यह पहल हर छात्रा के घर में ज्ञान का दीप जलाने का कार्य करेगी।
सीडीओ अभिषेक कुमार ने कार्यक्रम की आवश्यकता और प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए इसे समय की मांग बताया।
“वाल ऑफ ड्रीम्स” बना आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान वाल ऑफ ड्रीम्स का निर्माण किया गया, जो मेगा इवेंट का प्रमुख आकर्षण रहा। परिषदीय विद्यालयों की बालिकाओं ने रंग-बिरंगे पोस्टरों पर अपने सपनों और भविष्य की आकांक्षाओं को उकेरा। इन प्रेरणादायक सपनों में डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक और अधिकारी बनने की झलक साफ दिखाई दी। प्रशासन द्वारा उत्कृष्ट पोस्टरों को चयनित कर वाल ऑफ ड्रीम्स पर सजाया गया, जिससे अन्य बालिकाओं को भी अपने सपनों को पहचानने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा मिले।
कार्यक्रम का सफल संयोजन बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी द्वारा किया गया।
कुल मिलाकर “डीएम खीरी की पाठशाला” न केवल एक योजना, बल्कि जिले की बेटियों के भविष्य को संवारने की एक मजबूत और प्रेरक मुहिम बनकर सामने आई है।
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