बस–कम्बाइन की भीषण टक्कर में दो चालकों की मौत का मामला, 15 दिसंबर को होगी मजिस्ट्रियल जांच
लखीमपुर खीरी। ग्राम मनकापुर के निकट हुई बस–कम्बाइन की भीषण सड़क दुर्घटना में दो चालकों की दर्दनाक मौत के मामले में प्रशासन ने एक बार फिर मजिस्ट्रियल जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर इस प्रकरण की जांच उप जिला मजिस्ट्रेट (एसडीएम) सदर द्वारा की जा रही है, जिसके तहत 15 दिसंबर 2025 को पूर्वाह्न 11:00 बजे मजिस्ट्रियल जांच की तिथि निर्धारित की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 29 नवंबर 2006 को रूहेलखण्ड डिपो (बरेली) की उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बस संख्या यूपी 25 जी / 9791 ग्राम मनकापुर के पास कम्बाइन वाहन संख्या यूपी 27 बी / 0320 से टकरा गई थी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि निगम बस चालक और कम्बाइन चालक की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि बस परिचालक सहित एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना के बाद से यह मामला प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर जांच के दायरे में है।
इस दुर्घटना की मजिस्ट्रियल जांच हेतु जिला मजिस्ट्रेट द्वारा 26 सितंबर 2018 को उप जिला मजिस्ट्रेट को जांच अधिकारी नामित किया गया था। हालांकि जांच प्रक्रिया के दौरान यह सामने आया कि मृतक बस चालक अतुल कुमार सिंह के परिजन अब तक बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित नहीं हुए हैं। एसडीएम सदर के अनुसार इस संबंध में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, रूहेलखण्ड डिपो बरेली के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को कई बार पत्र भेजे गए, लेकिन इसके बावजूद मृतक के परिजनों को जांच में उपस्थित नहीं कराया जा सका।
इसी प्रकार कम्बाइन वाहन के मृतक चालक के परिजन भी अब तक मजिस्ट्रियल जांच के समक्ष अपना बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे हैं, जिसके चलते जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए एक बार फिर संबंधित सभी पक्षों को बुलावा भेजा है।
उप जिला मजिस्ट्रेट सदर ने स्पष्ट किया है कि 15 दिसंबर 2025 को पूर्वाह्न 11 बजे कलेक्ट्रेट स्थित उनके कार्यालय में मजिस्ट्रियल जांच की जाएगी। उन्होंने मृतकों के परिजनों, निगम अधिकारियों तथा अन्य सभी संबंधित पक्षों से अपेक्षा की है कि वे निर्धारित तिथि व समय पर उपस्थित होकर अपने-अपने साक्ष्य प्रस्तुत करें और बयान अंकित कराएं, ताकि वर्षों पुराने इस दर्दनाक हादसे की जांच को अंतिम रूप दिया जा सके।
प्रशासन का कहना है कि मजिस्ट्रियल जांच का उद्देश्य दुर्घटना से जुड़े सभी तथ्यों को स्पष्ट करना और यह सुनिश्चित करना है कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके। जांच पूरी होने के बाद प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
More Stories
संगठन ने जताया भरोसा, नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेगा काफिला अरविंद गुप्ता बने जिलाध्यक्ष
जालौन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का लघु सेवा शिविर आयोजित, ग्रामीणों को मिली निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी
आयुष हत्याकांड: न्याय की गुहार लेकर परिजन पहुंचे सीएम योगी के दरबार में